बिहार में 7 हजार करोड़ से बनेंगे चार सड़क और पुल [Four roads and bridges will be built in Bihar with Rs 7 thousand crores]

IDTV Indradhanush
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जानें कब होगा काम शुरू

पटना, एजेंसियां। बिहार में 7 हजार करोड़ से चार सड़क और पुल का निर्माण होना है। बरसात के बाद इन परियोजनाओं का काम शुरू हो जाएगा।

फिलहाल इन परियोजनाओं की निविदा की प्रक्रिया चल रही है। बरसात अवधि में इसे पूरा कर लिया जाएगा।

चारों परियोजनाएं बिहार के लिए काफी अहम है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का चार घंटे में राज्य के किसी भी जगह से पटना आने का सपना इन परियोजनाओं के पूरा होने पर संभव हो सकेगा।

इसके अलावा छपरा में अभी दो लेन का बाईपास है। उसे तीन लेन का और विस्तार दिया जाना है। 16 किलोमीटर लंबे इस बाइपास को बनाने में 303 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे छपरा में जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

शाहबाद से राजधानी का सफर होगा आसान

7 हजार करोड़ से अधिक की इन परियोजनाओं में सबसे अहम परियोजना राजधानी को शाहाबाद से जोड़ने के लिए पटना से आरा होते हुए सासाराम तक फोर लेन सड़क बनने की है।

कुल 120 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बनाने में 36 सौ करोड़ खर्च होने हैं। इस सड़क के बन जाने से न केवल पटना से सासाराम बल्कि शाहाबाद के जिलों में भी आवागमन आसान हो जाएगा।

साथ ही पटना से वाराणसी होते हुए उत्तरप्रदेश और दिल्ली की ओर आना-जाना भी
आसान हो जाएगा। इस सड़क का आरा-बक्सर से जुड़ाव होने का लाभ भी लोगों को मिलेगा।

4 जिलों में सुगम होगी आवागमन

दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना मंझौली से चरौत के बीच सीतामढ़ी में बागमती नदी पर 5 किलोमीटर लंबा एक पुल बनाया जाना है।

इस पुल को बनाने में 268 करोड़ खर्च होंगे। मंझौली-चरौत खंड कुल 63.66 किलोमीटर लंबा है।

बागमती नदी पर बननेवाले इस पुल को और चौड़ा करने का जल संसाधन विभाग ने सुझाव दिया है।

खासकर नदी के प्रवाह को देखते हुए पुल की कम चौड़ाई होने पर उसे सुरक्षित नहीं बताया गया है।

मुजफ्फरपुर के मंझौली से मधुबनी के चरौत तक जानेवाली एनएच के बीच में बनने वाले इस पुल के निर्माण से चार जिले मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा और मुजफ्फरपुर को सीधा लाभ होगा। साथ ही इसके बन जाने से नेपाल सीमा तक जाना भी आसान हो जायेगा।

झारखंड, बंगाल और ओडिशा के लिए नया रास्ता

गंगा नदी पर बेगूसराय में प्रस्तावित मटिहानी-शाम्हो के बीच पुल का निर्माण भी इसी साल शुरू हो जाएगा।

गंगा नदी पर बननेवाला यह पुल एनएच 31 और एनएच 80 को जोड़ेगा। बिहार से झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के लिए एक नया रास्ता मिल जाएगा।

तीनों राज्यों की दूरी 76 किमी कम हो जाएगी। इलाके के दो लाख किसानों को अपना उत्पाद बेचने में भी सुविधा होगी।

पुल के बन जाने पर मुंगेर और भागलपुर से 40 मिनट में आपदा की टीम आ सकती है। एप्रोच रोड सहित 36 किमी लंबी इस चार लेन सड़क सह पुल परियोजना पर 3550 करोड़ खर्च होने हैं।

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