मुंबई, एजेंसियां : उद्योगपति बाबा कल्याणी की बहन के बच्चों पल्लवी अनीश स्वादि और समीर हीरेमथ ने समूह की संपत्ति में हिस्सा मांगते हुए पुणे जिला एवं सत्र अदालत का रुख किया है।
इससे कल्याणी परिवार विवाद में एक नया मोड़ आ गया है।
भारत फोर्ज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक की छोटी बहन सुगंधा हीरेमथ के बच्चों समीर और पल्लवी ने 20 मार्च को पुणे जिला एवं सत्र अदालत में एक सिविल मुकदमा दाखिल किया है, जिसमें समूह की संपत्ति पर अधिकार का दावा किया गया है।
समूह एक हिंदू अविभाजित परिवार है। सुगंधा ने मार्च, 2023 में बाबा कल्याणी और परिवार के खिलाफ 1994 में हुए पारिवारिक समझौते को लागू करने की अपील करते हुए बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया था।
यह मुकदमा उन्होंने फार्मा और बायोटेक कंपनी हिकाल का नियंत्रण हासिल करने के लिए किया था।
सुगंधा ने यह कदम समूह की प्रमुख सुलोचना कल्याणी की मृत्यु के कुछ सप्ताह बाद उठाया था
मुकदमे में समीर और पल्लवी ने संयुक्त परिवार में मतभेदों और उसके बाद विभिन्न अदालतों में मुकदमों के लिए बाबा के ‘‘अधिनायकवादी और असहयोगी रवैये’’ को जिम्मेदार ठहराया है।
इस नए घटनाक्रम पर भारत फोर्ज के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता दावों के जरिये बाबा कल्याणी की छवि को ‘‘खराब’’ करना चाहते हैं और कहा कि वे बचाव पक्ष से संपर्क करने से पहले मीडिया के पास गए।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ जब भी हमारे खिलाफ मुकदमा दायर किया जाएगा, हम अदालत के समक्ष अपनी स्थिति का बचाव करेंगे, जिसमें कल्याणी, उनके परिवार और समूह की छवि खराब करने के लिए उचित नागरिक/आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू करना भी शामिल है।’’
याचिका में कहा गया कि समीर तथा पल्लवी एक सहदायिक के बच्चे होने के कारण सहदायिक बन जाते हैं और ‘‘इसलिए कल्याणी परिवार एचयूएफ की सभी संयुक्त पारिवारिक संपत्तियों में उनका अधिकार और हित है।’
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