आचार समिति ने मोइत्रा के खिलाफ शिकायत मामले में भाजपा सांसद दुबे, वकील देहाद्रई को बुलाया

2 Min Read

नयी दिल्ली : लोकसभा की आचार समिति ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा पर ‘सवाल पूछने के बदले धन लेने’ के आरोप के संबंध में बुधवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्रई से कहा कि वे “मौखिक साक्ष्य” के लिए 26 अक्टूबर को उसके समक्ष पेश हों। लोकसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्र का विषय है, “संसद में सवाल पूछने के बदले धन लेने में कथित प्रत्यक्ष संलिप्तता को लेकर सांसद श्रीमती महुआ मोइत्रा के खिलाफ 15 अक्टूबर, 2023 को दी गई अपनी शिकायत के संबंध में सांसद डॉ. निशिकांत दुबे का मौखिक साक्ष्य।”

दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के बदले एक उद्योगपति से ‘‘रिश्वत’’ लेने का आरोप लगाया है और बिरला से आग्रह किया है कि इन आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया जाए। मोइत्रा ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह ‘लोकसभा अध्यक्ष द्वारा उनके (दुबे) खिलाफ लंबित आरोपों के निस्तारण के बाद अपने खिलाफ किसी भी कदम का स्वागत करती हैं।’

मोइत्रा ने दुबे, देहाद्रई और कई सोशल मीडिया मंचों तथा मीडिया प्रतिष्ठानों को उनके खिलाफ कोई भी कथित फर्जी और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने, प्रसारित करने या प्रकाशित करने से रोकने का अनुरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। दुबे ने बिरला को लिखे पत्र में वकील देहाद्रई से मिले पत्र का हवाला देते हुए कहा कि वकील ने तृणमूल नेता और एक व्यवसायी के बीच रिश्वत की लेन-देन के ‘अकाट्य’ सबूत साझा किए हैं।

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया है कि हाल तक लोकसभा में मोइत्रा द्वारा पूछे गए 61 में से 50 प्रश्न अडाणी समूह पर केंद्रित थे, जिस पर तृणमूल सांसद ने अकसर कदाचार का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि मोइत्रा एक प्रतिद्वंद्वी व्यवसायी के इशारे पर अडाणी समूह को निशाना बना रही हैं।

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं