एंडोमेट्रियोसिस एक गंभीर बीमारी है जिसमें एंडोमेट्रियम नामक टिशू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। यह आमतौर पर अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब और श्रोणि क्षेत्र को प्रभावित करता है। यह बीमारी महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है और समय पर इलाज न होने पर गंभीर जटिलताएं उत्पन्न कर सकती है।
एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण
मासिक धर्म के दौरान असहनीय दर्द, जो सामान्य से अधिक तेज हो सकता है।
मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव।
पेशाब और मल त्याग के दौरान दर्द का अनुभव।
यौन संबंध बनाने के दौरान या बाद में दर्द महसूस होना।
थकान, सूजन, मतली, कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं।
बांझपन की संभावना बढ़ सकती है।
एंडोमेट्रियोसिस के कारण
जब मासिक धर्म का रक्त शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और फैलोपियन ट्यूब के जरिए वापस श्रोणि क्षेत्र में चला जाता है। यह वंशानुगत भी हो सकता है, यानी परिवार में पहले किसी महिला को यह समस्या रही हो तो अगली पीढ़ी में भी हो सकती है।
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को गर्भाशय के बाहर बढ़ने वाले टिशू को हटाने से रोक सकती है। सर्जरी, जैसे सी-सेक्शन या हिस्टेरेक्टोमी के दौरान टिशू का फैलना भी इसका कारण हो सकता है।
एंडोमेट्रियोसिस का शुरुआती इलाज
एंडोमेट्रियोसिस का समय पर पता लगाने से इसका सही इलाज संभव है, जिससे बांझपन और गंभीर दर्द से बचा जा सकता है।
डॉक्टर आमतौर पर अल्ट्रासाउंड और एमआरआई स्कैन के जरिए इसका पता लगाते हैं।
लैप्रोस्कोपी सर्जरी के माध्यम से डॉक्टर इस बीमारी का निदान और इलाज कर सकते हैं।
शुरुआती चरण में इसका इलाज दवाओं और हार्मोनल थेरेपी से भी किया जा सकता है।
एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या हो सकती है। अगर समय रहते इसके लक्षणों को पहचाना जाए और डॉक्टर से परामर्श लिया जाए, तो इससे होने वाली जटिलताओं को रोका जा सकता है। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और आवश्यक होने पर जल्द से जल्द चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।
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