कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण का मतदान शनिवार को राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच होगा।
इस चरण में राज्य की नौ सीटों के साथ एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी होना है। कुल 17,470 मतदान केंद्रों बनाये गये हैं, जिनमें से 3748 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।
आयोग के अनुसार, दमदम में 572, बारासात में 270, बशीरहाट में 1096, जयनगर में 686, मथुरापुर में 420, डायमंड हार्बर में 198, जादवपुर में 323, कोलकाता दक्षिण में 117 और कोलकाता उत्तर में 66 बूथ अतिसंवेदनशील चिह्नित किये गये हैं। सातवें चरण के लिए केंद्रीय बलों की 1020 कंपनियां बुलायी गयी हैं।
इनमें से 967 कंपनियां चुनाव ड्यूटी पर तैनात रहेंगी। 18 कंपनियों के राज्य भर में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और 35 कंपनियों को चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मुस्तैद किया जायेगा।
मतदान वाले दिन कोलकाता पर ड्रोन से नजर रखी जायेगी। कोलकाता में हिंसक घटनाएं रोकने के लिए चुनाव आयोग की ओर से सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गयी है।
कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र में स्थित 72 ऊंची इमारतों पर कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया जायेगा।
अंतिम चरण में सुचारु रूप से मतदान कराने के लिए आयोग ने ”पूरी ताकत” लगा दी है। इस दौर की वोटिंग में सबसे ज्यादा केंद्रीय बल उतारे गये हैं।
न केवल लोकसभा चुनाव बल्कि बरानगर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव भी होना है। सातवें दौर के चुनाव में केंद्रीय बल की 967 कंपनियां हैं।
वहीं, कोलकाता में 246 कंपनी उतारी जायेंगी। इसके अलावा किसी भी तरह की गड़बड़ी से निबटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) के 1950 सेक्शन भी उतारे जायेंगे।
आयोग का दावा है कि क्यूआरटी महज 15 मिनट में किसी भी स्थान पर पहुंच जायेगी, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न हो।
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