सर्दियों के कारण बच्चों में बढ़ रहा हैं निमोनिया का खतरा, जानें कैसे कर सकते है निवारण [Due to winter, the risk of pneumonia is increasing in children, know how to prevent it]

2 Min Read

नई दिल्ली,एजेंसियां। देशभर में बढ़ती सर्दियों के साथ बच्चों में निमोनिया का खतरा भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि इस समय निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है।

निमोनिया के शुरुआती लक्षणों में खांसी, सर्दी, हल्का बुखार और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। यदि किसी बच्चे में ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

ये हैं निमोनिया के लक्षण

निमोनिया होने पर बच्चों को खांसी, सर्दी और हल्का बुखार रहता है। वहीं कुछ बच्चों को सांस लेने में भी तकलीफ होती है। ज्यादा तेज सांस लेना, सीने में घर-घराहट, भूख नहीं लगना यह सभी भी निमोनिया के लक्षण है। ऐसे में डॉक्टर का कहना है कि आप बच्चों को ठंड में ज्यादा से ज्यादा बचा कर रखें।

कैसे करें बचाव

ठंड के दिनों में छोटे बच्चे बार-बार टॉयलेट करते हैं जिनकी वजह से उनका डायपर गीला रहता है। इसलिए हर 2 घंटे में डायपर को चेक करते रहे और गीले डायपर को तुरंत चेंज करें। ठंड के मौसम में बच्चों को ज्यादा पानी का प्रयोग करने ना दे।

इसके साथ ही निमोनिया से बचाव के लिए कई टीके भी उपलब्ध है इसीलिए बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए आप समय पर निमोनिया का टीका भी जरूर लगाए।

सर्दी में बच्चों की सेहत का ख्याल रखने के लिए विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। बच्चों को ठंड से बचाकर रखें और संक्रमण से बचने के लिए समय पर टीकाकरण करवाएं।

इसे भी पढ़ें

झारखंड में पड़ने लगी कड़ाके की ठंड

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं