बापू के दिखाये मार्ग पर चलकर आज भी विश्व शांति का लक्ष्य प्राप्त हो सकता : द्रौपदी मुर्मू

3 Min Read

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महात्मा गांधी को पूरे विश्व समुदाय के लिए एक ‘अमूल्य देन एवं प्रेरणास्रोत’ बताते हुए सोमवार को कहा कि उनके दिखाये मार्ग पर चलकर आज भी विश्व शांति का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। राजघाट के पास महात्मा गांधी की 12 फुट ऊंची प्रतिमा और ‘गांधी वाटिका’ का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति ने पूज्य बापू के विचारों को जन जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा महात्मा गांधी की प्रतिमा और गांधी वाटिका इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा का मार्ग उस समय दिखाया जब विश्वयुद्ध के कालखंड में विश्व कलह और संकटों से ग्रस्त था। उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी के सत्य, अहिंसा के प्रयोग ने उन्हें महामानव का दर्जा दिया और आज दुनिया के अनेक देशों में उनकी प्रतिमाएं हैं तथा बड़ी संख्या में लोग उन्हें मानते हैं।’’उन्होंने नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और बराक ओबामा का उदाहरण देते हुए कहा कि कई महान नेताओं ने गांधीजी द्वारा दिखाए गए सत्य और अहिंसा के मार्ग को विश्व कल्याण का मार्ग माना। मुर्मू ने कहा कि बापू के दिखाये मार्ग शाश्वत हैं जिन पर चलकर आज भी विश्व शांति के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा के साथ साथ गांधीजी ने स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता, ग्राम स्वराज, स्वच्छता जैसे अनेक विषयों पर अमूल्य विचार दिये। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ महात्मा गांधी ने ऐसे भारत के निर्माण पर जोर दिया जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और नैतिक रूप से सबल हो।’’मुर्मू ने कहा कि यह खुशी की बात है कि गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गांधीजी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए भारत के विकास के लिए काम कर रहे है। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और बच्चों से आग्रह किया कि गांधीजी के बारे में अधिक से अधिक पढ़ें और उनके आदर्शों को आत्मसात करें।

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं