Dr. Surendra Dubey:
रायपुर: प्रसिद्ध हास्य कवि और पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका निधन 26 जून को दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ था। 72 वर्षीय डॉ. दुबे ने रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में आखिरी सांस ली। उनके निधन से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
Dr. Surendra Dubey:अंतिम यात्रा और शमशान घाट पर सम्मान
आज सुबह 10:30 बजे डॉ. सुरेन्द्र दुबे की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान, अशोका प्लैटिनम से शुरू होगी। इस यात्रा में राज्य मंत्री, विधायक, और देशभर के प्रसिद्ध कवि शामिल होंगे। उनका अंतिम संस्कार मारवाड़ी शमशान घाट पर किया जाएगा, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी।
Dr. Surendra Dubey:पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे का योगदान
डॉ. सुरेन्द्र दुबे का जन्म 8 जनवरी 1953 को छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में हुआ था। वे न केवल एक हास्य कवि बल्कि एक साहित्यकार भी थे। उन्होंने पांच किताबें लिखी थीं और विभिन्न मंचों पर अपनी कविताओं का आयोजन किया। 2010 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, उन्हें छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान भी प्राप्त था।
Dr. Surendra Dubey:साहित्य और हास्य के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान
सुरेन्द्र दुबे की हास्य कविताओं और मंच प्रस्तुतियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी कविताओं में समाज की समस्याओं को हास्य के माध्यम से उजागर किया जाता था, जिससे हर किसी को उनकी बातों से एक नया दृष्टिकोण मिलता था।
Dr. Surendra Dubey:दुबे जी के निधन से साहित्य जगत में शोक
सुरेन्द्र दुबे की मौत से साहित्य और हास्य के क्षेत्र में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हुआ है। उनकी कविताएं और विचार हमेशा याद रखे जाएंगे।
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