राम को मानने से इनकार, हनुमान को बताया बंदर
कोयबंटूर। DMK सांसद ए राजा ने भारत को एक देश मानने से इनकार किया है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि भारत कभी देश था ही नहीं।
एक देश का मतलब होता है, एक भाषा, एक संस्कृति और एक परंपरा। तब उसे देश कहा जाता है। ए राजा ने 3 मार्च को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बर्थडे पर कोयम्बटूर में हुई एक सभा में ये बयान दिया।
ए राजा ने कहा कि भारत एक उपमहाद्वीप है। कारण क्या है? यहां कई परंपराएं और संस्कृतियां हैं। तमिलनाडु में एक भाषा-एक संस्कृति हैं। यह एक देश है।
मलयालम एक भाषा है, उनका एक राष्ट्र है। ओडिशा एक देश है, वहां एक भाषा है। केरल में अलग, दिल्ली में अलग भाषा और संस्कृति है।
ये सारे देश मिलकर भारत को बनाते हैं। इसलिए भारत एक देश नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।
राजा ने कहा कि मणिपुर में डॉग मीट खाया जाता है, क्यों। हां, वो खाते हैं। ये कल्चर है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
ये सब हमारे दिमाग में है। कश्मीर में अलग कल्चर है। इसे आपको मानना होगा। अगर कोई समुदाय बीफ खाता है तो आपको क्या समस्या है?
उसने आपको खाने को कहा क्या? अनेकता में एकता है। हम सब अलग हैं। इसे मान लीजिए।
DMK नेता ए राजा वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि अगर आप कहेंगे कि ये आपके ईश्वर हैं और भारत माता की जय तो हम उस ईश्वर और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
कह दो इनको, हम सब राम के शत्रु हैं। मुझे रामायण और भगवान राम पर विश्वास नहीं है। राजा ने भगवान हनुमान की तुलना बंदर से करते हुए ‘जय श्री राम’ के नारे को घृणास्पद बताया।
DMK सांसद ने कहा कि वाटर टैंक से पानी किचन में भी आता है और टॉयलेट में भी। किचन में हम वो पानी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन टॉयलेट से लाकर वो पानी किचन में इस्तेमाल नहीं करते। क्या वजह है?
हमें मनोवैज्ञानिक समस्या है। पानी एक ही है, पर अंतर पैदा कर देता है, ये बात कि ये कहां से आ रही है। हम जानते हैं कि ये किचन है और ये टॉयलेट है।
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