NCERT controversy latest news:
नई दिल्ली, एजेंसियां। कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से संबंधित सामग्री को लेकर उठे विवाद पर केंद्र सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है।SC की आपत्ति के बाद National Council of Educational Research and Training (NCERT) ने संबंधित किताब का वितरण रोक दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पूरे मामले पर खेद व्यक्त करते हुए न्यायपालिका का पूर्ण सम्मान करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने की बात कही है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “हम न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जो भी कहा है, हम उसका पालन करेंगे। जो हुआ है, उससे मैं बहुत दुखी हूं और इसके लिए अफसोस जताता हूं।” उन्होंने बताया कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत NCERT को किताबों का वितरण रोकने और उन्हें वापस मंगाने का निर्देश दिया।
क्या है पूरा विवाद?
कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, वॉल्यूम-2’ के एक अध्याय में न्यायपालिका के सामने चुनौतियों का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार, मामलों के लंबित रहने और जजों की कमी जैसी बातों का उल्लेख किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई।मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी को भी संस्थान की ईमानदारी पर दाग लगाने या उसे बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करेगा और संस्थागत गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।
NCERT ने भी मानी गलती
NCERT ने 24 फरवरी को जारी बयान में स्वीकार किया कि संबंधित अध्याय में “गलत सामग्री” और “निर्णय में त्रुटि” रह गई थी। परिषद ने इसे अनजाने में हुई गलती बताते हुए खेद प्रकट किया। साथ ही कहा गया कि अध्याय को विशेषज्ञों और संबंधित प्राधिकरणों से परामर्श लेकर दोबारा लिखा जाएगा। संशोधित संस्करण 2026-27 शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
यह मामला शिक्षा सामग्री की संवेदनशीलता और संस्थागत सम्मान के मुद्दे को फिर से चर्चा में ले आया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए समीक्षा प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा।







