नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने 2016 में कथित ‘वोट के बदले नोट’ घोटाले में इंडिया टुडे समूह द्वारा किए गए ‘स्टिंग ऑपरेशन’ को लेकर समूह के प्रमुख अरुण पुरी और पत्रकार राजदीप सरदेसाई तथा शिव अरूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर सोमवार को रोक लगा दी।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने इस मामले में कर्नाटक सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया।
पीठ में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे।
पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी किया जाए, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी भी कार्यवाही पर रोक रहेगी।’’
पुरी, सरदेसाई और अरूर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस मुरलीधर ने मामले में पक्ष रखा।
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