नयी दिल्ली, एजेंसियां : उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में एक कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की नई जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
सीबीआई और ईडी द्वारा 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित 3,600 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले के मामलों में जांच की जा रही है।
यह तर्क दिया गया कि जेम्स पर प्रत्यर्पण आदेश में उल्लिखित अपराधों के अलावा किसी अन्य अपराध के तहत आरोप नहीं लगाया जा सकता है और उसे विशेषज्ञता के सिद्धांत का लाभ दिया जाना चाहिए।
दुबई से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे दिसंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी.पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने पूछा, “आप इस मामले में अनुच्छेद 32 (संविधान के प्रावधानों में से एक जो मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए उच्चतम न्यायालय जाने का अधिकार देता है) के तहत याचिका कैसे दायर कर सकते हैं?”
प्रत्यर्पण आदेश से इतर जेम्स पर अन्य अपराधों के लिये आरोप नहीं लगाए जा सकने के संबंध में पीठ ने कहा कि इससे पहले भी निपटा जा चुका है और यह ‘एड नाजियम’ (एक ही चीज को तब तक दोहराना जब तक कि यह उबाऊ और कष्टप्रद न हो जाए) नहीं हो सकता।
प्रत्यर्पित आरोपी के वकील ने कहा कि वह पिछले पांच वर्ष से जेल में है और दोषसिद्धि की स्थिति में यह अधिकतम सजा हो सकती है।
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