Contraceptive Pills: गर्भनिरोधक गोलियों की सच्चाई: रिसर्च में सामने आया बड़ा जोखिम [The truth about contraceptive pills: Research reveals a big risk]

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नई दिल्ली, एजेंसियां। महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक गोलियां जहां एक ओर सुविधा हैं, वहीं हालिया रिसर्च ने इनके साथ जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। यूरोपियन स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन कॉन्फ्रेंस (ESOC) 2025 में पेश की गई एक स्टडी के अनुसार, कॉम्बाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स (COC) का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में क्रिप्टोजेनिक इस्कीमिक स्ट्रोक का खतरा तीन गुना तक बढ़ जाता है।

Contraceptive Pills: क्या कहती है रिसर्च

इस रिसर्च में 18 से 49 साल की उम्र की 268 महिलाओं को शामिल किया गया, जिनमें से कुछ को पहले से स्ट्रोक हो चुका था। डेटा विश्लेषण में यह सामने आया कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही थीं, उनमें स्ट्रोक की संभावना उन महिलाओं की तुलना में कहीं अधिक थी जो इन्हें नहीं ले रही थीं। यह खतरा खासकर उन महिलाओं में ज्यादा देखा गया जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन या मोटापे जैसी स्वास्थ्य समस्याएं पहले से थीं।

Contraceptive Pills: क्या है क्रिप्टोजेनिक इस्कीमिक स्ट्रोक?

यह स्ट्रोक का ऐसा प्रकार है जिसकी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आती, और यह युवाओं में होने वाले इस्कीमिक स्ट्रोक्स का लगभग 40% हिस्सा बनाता है।

Contraceptive Pills: विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियां लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए, खासकर यदि उन्हें पहले से कोई मेडिकल कंडीशन हो। रिसर्चर्स ने आगे इस विषय पर बड़े पैमाने पर अध्ययन की आवश्यकता भी जताई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-सी गोलियां तुलनात्मक रूप से सुरक्षित हैं।

यह स्टडी महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान खींचती है और बताती है कि स्वास्थ्य संबंधी फैसले लेने से पहले जोखिमों की पूरी जानकारी और डॉक्टर की सलाह लेना कितना जरूरी है।

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