बदायूं, एजेंसियां। यूपी में संभल के बाद अब बदायूं की जामा मस्जिद में मंदिर होने का दावा किया गया है। हिंदू पक्ष का कहना है कि मस्जिद असल में नीलकंठ महादेव मंदिर है, इसलिए इसका सर्वे कराया जाए। वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस दावे को माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया है। 10 दिसंबर को बदायूं सिविल कोर्ट तय करेगा कि केस सुनने योग्य है या नहीं।
हिंदू पक्ष की मांग- पूजा की परमिशन मिले:
हिंदू पक्ष का कहना है कि यह राजा महिपाल का किला है। किले में ही नीलकंठ महादेव का मंदिर था। मोहम्मद गौरी के सेनापति कुतुबुद्दीन ने राजा महिपाल को मार दिया था। इसके बाद अपने दामाद को बदायूं का सूबेदार बनाया।
उसने ही सबसे पहले भगवान नीलकंठ के मंदिर को क्षति पहुंचाई। हालांकि, पूरा मंदिर क्षतिग्रस्त नहीं कर पाया। यहां सुरंग, पिलर सहित तमाम सबूत आज भी मौजूद हैं। इसलिए सर्वे हो और मंदिर में फिर से पूजा करने की इजाजत दी जाए।
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