नई दिल्ली, एजेंसियां। अभी हाल ही में थिंक टैंक सेंटर फॉर इंटरनेशनल एंड एस्थतिस्टिक स्टडीज ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है।
सीएसआईएस के अनुसार, हिंदुस्तान के साथ लगते बॉर्डर के करीब चीन दोहरे इस्तेमाल वाले गांव बसा रहा है।
यही नहीं सैंकड़ो की संख्या में इन गांवों का विस्तार तेजी से करने के साथ सैन्य सुविधाओं का नेटवर्क भी बढ़ा रहा है।
सेंट्रल हब ने इससे जुड़ी एक सेटेलाइट तस्वीर भी जारी की है। इसमें नजर आ रहा है कि 2022 से 2024 के बीच चीन ने एक निर्जन और पहाड़ी इलाके को गांव में बदल दिया।
सीएसआईएस की रिपोर्ट कहती है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के पास चार अलग-अलग जगहों पर सैन्य और दोहरे इस्तेमाल वाले गांव के बुनियादी ढांचे तैयार कर लिए हैं।
दांवों की माने तो चीन ने भारत से लगती सीमा के पास चार साल में 624 गांव बना लिए हैं। जुआंगनान, माजिदुनकुन और कुईकियोंगमेन में सैन्य फैसिलिटी भी तैयार कर रहा है।
चीन तिब्बती और हर आबादी को मिलाकर सीमाई इलाकों में डेमोग्राफी को बदलने की कोशिश कर रहा है।
सीमा पर गांवों का निर्माण ग्रे जॉन रणनीति के तहत चीन की तरफ से किया जा रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन गांव में गुप्त रूप से बस्तियों में सैनिक भी तैनात किए जा सकते हैं।
भारत में पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास दुनिया का सबसे ऊंचा टैंक सर्विस स्टेशन स्थापित किया है।
यहां 500 से अधिक लड़ाकू वाहनों को तैनात किया है। इससे इसके संचालन में सहायता मिल सकेगी।
भारतीय सेना ने न्यूमा में चीन सीमा के पास 14500 फीट की ऊंचाई पर 2 बख्तरबंद वाहन, रखरखाव और मरम्मत की यूनिट स्थापित की है।
इसमें से एक डीबीओ सेक्टर में स्थापित की गई है। दूसरी यूनिट नए सेक्टर में है, जो चीन की सीमा से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर है।
भारत के इस कदम ने चीन के साथ साथ दुनिया को भी चौंका दिया है।
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