नयी दिल्ली: भारत के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस को एक सच्चा ‘भद्रलोक’ (सज्जन व्यक्ति) बताया जो समाज में आखिरी छोर पर खडे़ व्यक्ति के साथ न्याय करने की इच्छा रखने वाले एक मेहनती और ‘दयालु’ न्यायाधीश रहे हैं।
न्यायमूर्ति बोस को 24 मई, 2019 को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और वह 10 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
वह आगे भोपाल में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के निदेशक पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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