नयी दिल्ली, एजेंसियां : उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि यह छत्तीसगढ़ में 2,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश के खिलाफ धन शोधन मामले को रद्द कर सकता है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि अपराध से धन अर्जित नहीं किया गया। जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ आईएएस अधिकारी अतुल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा सहित मामले के छह आरोपियों द्वारा दायर रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
जस्टिस एएस ओक ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा, अगर कोई अपराध नहीं है तो अपराध की कोई आय नहीं है। इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हो सकती है।”
इससे पहले, याचिकाकर्ताओं के इस तर्क पर ध्यान देने के बाद कि ED का मामला आयकर अधिनियम के कथित उल्लंघन पर आधारित था, जो धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA Act) के तहत अनुसूचित अपराध नहीं है, अदालत ने उनके खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
जस्टिस ओक ने शुरुआत में टिप्पणी की कि “शिकायत पर विचार नहीं किया जा सकता”, क्योंकि कोई विधेय अपराध नहीं है।
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