नई दिल्ली, एजेंसियां। केन्द्रीय चुनाव आयोग ने मतगणना के दो दिन पहले पोस्टल वैलेट की मतगणना करने का नियम बदल दिया है।
इस बदलाव पर राज्यसभा के सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कड़ी आपत्ति जतायी है।
मनु सिंघवी इस बदलाव को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले। उन्होंने चुनाव आयोग के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘इसका अधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं है।
नियम को प्रशासकीय आदेश से नहीं बदला जा सकता है। देशभर में चुनाव आयोग के इस निर्णय का विरोध हो रहा है।
इलेक्शन कमीशन ने प्रशासनिक आदेश के तहत नियमों में बदलाव किया है। इसकी अधिकारिता को लेकर सवाल उठाया है।
नियम के अनुसार ही वैलेट पेपर की मतगणना सबसे पहले कराने का अनुरोध किया है।
कपिल सिब्बल ने भी डाक मत पत्रों की संख्या में अचानक वृद्धि होने और नियम बदलने से पोस्ट वेलेट के जरिये चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की जा सकती है।
उन्होंने भी पोस्टल वेलेट की मतगणना पहले कराने की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा है, प्रत्येक मतगणना केन्द्र पर फार्म 17 सी के अनुसार मतगणना करायी जानी चाहिए।
कई सीटों पर कुछ हजार मतों या कुछ सौ मतों के अंतर से जीत-हार होती है। ऐसी स्थिति में इसका विरोध सभी राजनीतिक दल कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें









