कोलकाता। ED, CBI और फारेसिक टीम शुक्रवार को TMC से निष्कासित शाहजहां शेख के संदेशखाली स्थित आवास पर पहुंची।
सभी ने मिलकर उसके घर और दफ्तर की तलाशी ली। मामला बीते 5 जनवरी को ED की टीम पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ा है। जांच एजेंसी तब राशन घोटाले में शेख के घर छापेमारी के लिए गई थी।
टीम के सदस्य पहले हमले से जुड़े सबूत इकट्ठा करने के लिए सरबेरिया के अंकुचीपारा इलाके में शाहजहां के घर के पास के इलाकों में गए।
बाद में उसके ऑफिस में छानबीन की। 14 सदस्यों वाली टीम में 6 CBI के, 6 फोरेंसिक एक्सपर्ट और 2 ED के अधिकारी शामिल हैं। ये ED के वही अधिकारी हैं, जो 5 जनवरी के हमले में घायल हुए थे।
पिछली घटना को देखते हुए इस बार पहले से ही इलाके में बड़ी तादाद में सेंट्रल फोर्सेस की टीम की तैनाती की गई थी। अफसरों के साथ भी CRPF के जवान मौजूद रहे।
CBI अधिकारियों ने शाहजहां के घर में एंट्री से पहले दरवाजे पर लगे सील को खोल दिया। इसे ED की टीम ने सील किया था।
इस दौरान टीम इलाके की वीडियोग्राफी और मैपिंग भी की। शाहजहां की हिरासत मिलने के बाद CBI ने संदेशखाली में उनके घर और ऑफिस का दौरा किया। दोनों ही जगह बंद मिलने पर टीम ने पहले बाहर से तस्वीरें लीं।
5 मार्च को कलकत्ता हाईकोर्ट ने 4:30 बजे बंगाल पुलिस को शाहजहां को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया था।
पुलिस ने कहा था कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए शाहजहां को सौंप नहीं सकते। इसके बाद CBI दो घंटे के इंतजार के बाद लौट गई थी।
6 मार्च को हाईकोर्ट ने मामले में दोबारा दखल दिया। कोर्ट ने शाम 4.15 बजे तक शेख की कस्टडी CBI को देने का आदेश दिया था। कोलकाता CID ने शेख का मेडिकल करवाने के बाद देर शाम उसे CBI को सौंप दिया था।
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