जनगणना में जुड़ सकता है जाति का कॉलम [Caste column can be added to the census]

IDTV Indradhanush
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कांग्रेस के साथ भाजपा की साथी JDU-LJP ने भी की मांग

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार जनगणना के दौरान जाति का कॉलम जोड़ने का विचार कर ही है। यह खबर तब आई है, जब कांग्रेस और विपक्ष के अलावा भाजपा की साथी जेडीयू और एलजेपी भी जातिगत जनगणना की मांग कर रही हैं।

मिल रही सूचनाओं के मुताबिक राजनीतिक मांग के चलते सरकार जनगणना में कास्ट कॉलम जोड़ सकती है।

जनगणना हर 10 साल में होती है। पिछली बार ये 2011 में हुई थी। इसके बाद 2021 में यह कोरोना महामारी के चलते नहीं हो पाई।

जातिगत जनगणना पर किसका क्या स्टैंड

उद्धव ठाकरे सरकार ने जब सुप्रीम कोर्ट में पिटिशन लगाई कि महाराष्ट्र में बैकवर्ड क्लास ऑफ सिटिजंस (BCC) का डेटा जुटाने का निर्देश दिया जाए, तब केंद्र सरकार ने अपना स्टैंड साफ किया था।

केंद्र ने कहा था कि यह पॉलिसी का मामला है और अदालतों को इसमें नहीं पड़ना चाहिए। जातिगत जनगणना को एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर कराने में बहुत दिक्कतें आएंगी और यह व्यावहारिक भी नहीं है।

विपक्षी पार्टियां: कांग्रेस समेत BJD, SP, RJD, BSP, NCP शरद पवार देश में जातिगत जनगणना की मांग कर रही हैं। TMC का रुख अभी साफ नहीं है। राहुल गांधी हाल में ही अमेरिका दौरे पर गए थे, वहां उन्होंने जातिगत जनगणना को सही बताया था।

NDA: भाजपा का स्टैंड जातिगत जनगणना के पक्ष में नहीं है। NDA कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों पर आरोप लगा रही हैं कि ये जातिगत जनगणना के जरिए देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, बिहार में भाजपा ने ही जातिगत जनगणना का सपोर्ट किया था।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, निषाद पार्टी, अपना दल, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेकुलर, PMK भी कास्ट सेंसस का सपोर्ट कर रही हैं।

अब चिराग पासवान की LJP और नीतीश की JDU भी देश में जातिगत जनगणना की मांग कर रही हैं।

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