जींद(हरियाणा): हरियाणा के रोहतक स्थित स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई)में इलाज के लिए ले जाई गई महिला कैदी से वाहन में ही दो अन्य कैदियों द्वारा कथित तौर पर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि बुधवार देर रात जींद के सिविल लाइन थाना में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कर मामले को जांच के लिए रोहतक पुलिस के पास भेज दिया गया है क्योंकि घटना वहां की है।
महिला कैदी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पीजीआई रोहतक में मनोरोग विशेषज्ञ के पास इलाज चल रहा है।
20 फरवरी को जेल वैन में उसे पीजीआई रोहतक लेकर गए थे। उसी वैन में कैद मनीष व गांव धनौरी निवासी सतीश भी थे।
पुलिस कर्मियों ने वैन को पीजीआई परिसर में खड़ा कर दिया और उनके कागजात तैयार करवाने के लिए अंदर चले गए।
इसी दौरान कैदी मनीष व सतीश ने नशीला पदार्थ मिलकर कोल्डड्रिंक दे दी।
कोल्डड्रिंक पीते ही वह बेसुध हो गई। जिसके बाद दोनों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद जेल में पहुंचकर पीड़िता ने प्रशासन को अपनी आप बीती बताई।
जेल प्रशासन ने महिला कैदी की लिखित शिकायत सिविल लाइन थाना पुलिस को दी, लेकिन वारदात एरिया पीजीआई रोहतक होने के चलते जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए रोहतक पुलिस के पास भेज दिया। महिला को वर्ष 2017 में चार किलो 490 ग्राम चरस के साथ पकड़ा था।
अप्रैल 2021 में जींद अदालत ने 15 साल की सजा सुनाई थी। उसके बाद से जेल में बंद है। महिला मनोरोग की गोलियों को एक साथ खाकर आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है।
उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में आत्महत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है।
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