रांची। जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन की एक स्टडी के मुताबिक नियमित एक्सरसाइज कर रहे लोगों को दिल की बीमारियों के खतरे सबसे कम होते हैं।
लेकिन ऐसा तभी होता है जब हेल्दी डाइट भी ली जाए। पिछले दिनों हार्वर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने इस विषय पर एक नई स्टडी रिपोर्ट जारी की है।
इसमें बताया गया है कि अगर एक्सरसाइज करने के बाद स्पोर्ट्स या एनर्जी ड्रिंक्स पी लेते हैं तो एक्सरसाइज का कोई फायदा नहीं होता, उल्टे दिल की सेहत खतरे में पड़ जाती है।
ऐसे सभी मीठे ड्रिंक्स जिन्हें पीकर आपके शरीर में नई जान आ जाती है, असल में ये आपके दिल की सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा रहे होते हैं।
लोग टीवी विज्ञापन में देखते हैं कि फिटनेस आइकंस एनर्जी के लिए इन ड्रिंक्स का सेवन कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि अगर ये लोग इन्हें पी रहे हैं, तो इनके कोई हानिकारक प्रभाव नहीं होंगे। हार्वर्ड की ये स्टडी इस धारणा को खारिज करती है।
जानकार बताते हैं कि स्पोर्ट्स ड्रिंक में आमतौर पर ज्यादा शुगर और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो आपको इंस्टेंट एनर्जी तो जरूर देते हैं, लेकिन बदले में उससे कहीं अधिक नुकसान कर जाते हैं।
शोधकर्ताओं ने लगभग 1 लाख वयस्कों को दो समूहों में बांटकर 30 वर्षों तक अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि जो लोग सप्ताह में दो से अधिक बार स्वीट ड्रिंक्स पीते हैं, उन्हें फिजिकल एक्सरसाइज के बावजूद दिल की बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इसे रोज पीने से हार्ट डिजीज का खतरा और बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कितनी भी एक्सरसाइज कर लें, खराब खाना अपना असर जरूर दिखाता है। दिल की सेहत का ख्याल रखने के लिए एक्सरसाइज और पौष्टिक खाना दोनों जरूरी हैं, ये मिलकर ही इसकी रक्षा करते हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कई ऐसे केस सामने आते हैं, जिनमें पेशेंट्स का कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है, फिर भी दिल का दौरा पड़ गया।
ऐसा अधिक मीठा खाने के कारण होता है। ब्लड में शुगर होने से आपकी धमनियों की भीतरी परत को बहुत नुकसान होता है।
इसके चलते सूजन भी आ जाती है। इससे कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है। यही कारण है कि ब्लड में कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होने पर भी लोगों को दिल का दौरा पड़ जाता है।
यहां समझने की जरूरत है कि एक्सरसाइज के बावजूद शुगर कंटेनिंग ड्रिंक्स दिल को जोखिम में डाल सकते हैं।
ये ड्रिंक्स हाई कैलोरी वाले हैं। यह कैलोरी ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में इकट्ठी होती रहती है। यह भी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज को दावत देता है।
अगर आपको डायबिटीज नहीं है तब भी यह बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाते हैं। डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए और भी बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।
हमारा शरीर शुगर से ही चलता है। हम जो भी खाते हैं शरीर उसे ग्लूकोज में बदलकर ही उपयोग कर पाता है।
लेकिन यदि अतिरिक्त शुगर खाते हैं तो यह भी लिवर में चला जाता है। लिवर में यह अतिरिक्त शुगर फैट में बदल जाता है।
लिवर में ज्यादा फैट जमा होने लगता है तो यह उसे खून में भेजने लगता है। नतीजतन शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। इससे लिवर भी फैटी हो सकता है।
इसलिए ज्यादा मीठा या ऐसी चीजें जिनमें बहुत अधिक शुगर या ग्लूकोज मौजूद है, उसे खाने या पीने से बचना चाहिए।
इनके अलावा शुगर की वजह से ब्लड सप्लाई स्लो हो जाती है। इससे किडनी की क्षमता घटने लगती है। कई बार किडनियों में सूजन भी आ जाती है।
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