नयी दिल्ली : कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा धारावी पुनर्विकास परियोजना को औपचारिक रूप से अडाणी समूह को सौंपे जाने को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रदेशों की भाजपा सरकारों को प्रधानमंत्री के पूंजीपति मित्रों के लिए एटीएम मशीन में बदल दिया गया है।
महाराष्ट्र के आवास विकास विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राज्य मंत्रिमंडल ने धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर लगाई गई बोली के 22 दिसंबर 2022 को आए नतीजे को स्वीकृति प्रदान की है। महाराष्ट्र के आवास विकास विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राज्य मंत्रिमंडल ने धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर लगाई गई बोली के 22 दिसंबर 2022 को आए नतीजे को स्वीकृति प्रदान की है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘शुक्रवार को आवास विभाग सौंपने से पहले उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का आखिरी काम अडाणी समूह के 5,069 करोड़ रुपये की धारावी पुनर्विकास परियोजना के संदिग्ध अधिग्रहण को औपचारिक रूप से मंजूरी देना था। यह परियोजना मुंबई के प्रमुख इलाके में मौजूद 600 एकड़ भूमि से जुड़ी है।’’ उनका दावा है कि यह परियोजना पहले किसी और को प्रदान की गई थी।
रमेश ने कहा, ‘‘विवाद के कारण मूल निविदा रद्द होने के बाद, शिंदे-फडणवीस सरकार ने निविदा शर्तों को बदलने के लिए अद्भुत कलाबाजी दिखाई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रधानमंत्री मोदी के सबसे करीबी दोस्त ही एकमात्र संभावित विजेता हों।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि यह इस बात की एक और मिसाल है कि भाजपा की राज्य सरकारों को प्रधानमंत्री के पूंजीपति मित्रों के लिए एटीएम मशीन में बदल दिया गया है। रमेश ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने अडाणी को यह परियोजना उपहार में भेंट कर दी है।








