नयी दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गोपाल राय ने पश्चिम बंगाल में तैनात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक सिख अधिकारी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर ‘‘खालिस्तानी’’ कहे जाने पर उसकी बुधवार को आलोचना की और कहा कि भाजपा को माफी मांगनी चाहिए।
राय ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अपने ‘‘सत्ता के अहंकार’’ में किसी व्यक्ति को‘‘देशद्रोही या खालिस्तानी या आतंकवादी या नक्सली’’ होने का प्रमाणपत्र बांट रही है। राय की टिप्पणियों पर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
हालांकि, भाजपा ने पहले इस आरोप से इनकार किया था और पुलिस अधिकारी पर संविधान के अनुसार अपना कर्तव्य का निर्वहन नहीं करने का आरोप लगाया था।
राय ने संवाददाताओं से कहा कि भारत में सिख धर्म और स्वतंत्रता संग्राम में सिखों की भूमिका का एक लंबा इतिहास रहा है। स्वतंत्रता संग्राम में कई लोगों ने देश के लिए बलिदान दिया।
उन्होंने क्रांतिकारी भगत सिंह का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें ‘‘शहीद-ए-आजम’’ की उपाधि प्राप्त है और पंजाब के शहीदों की एक लंबी सूची है।
राय ने मीडिया खबरों का हवाला देते हुए कहा कि यह ‘‘पगड़ी’’ कभी ‘‘सुरक्षा की गारंटी’’ थी और अब एक अधिकारी को ‘‘खालिस्तानी कहा गया है’’।
उन्होंने यह भी कहा कि कथित घटना पर पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से भी बयान जारी किए गए हैं।
सिख आईपीएस अधिकारी ने खुद को कथित तौर पर ‘‘खालिस्तानी’’ कहे जाने पर मंगलवार को भाजपा के कार्यकर्ताओं की आलोचना की थी।
अधिकारी को पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि जाने से रोकने के लिए तैनात किया गया था।
अधिकारी के साथ मौजूद भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने दावा किया कि पुलिस अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे हैं, लेकिन इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी के समर्थकों ने उन्हें ‘‘खालिस्तानी’’ कहा था।
राय ने कहा, ‘‘ अगर इस नफरत भरे अभियान को नहीं रोका गया तो इससे देश कमजोर होगा और भारतीय समाज में विभाजन को बढ़ावा मिलेगा।’’
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