बंगाल में बीजेपी नेताओं को सता रहा गिरफ्तारी का डर, अभिजीत गांगुली ने दी आंदोलन की चेतावनी

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कोलकाता, एजेंसियां। बंगाल में शायद ही कोई ऐसा चुनाव हो, जिसमें हिंसा न हो। चुनाव के पहले से हिंसा की स्थिति बन जाती है और चुनाव के बाद तक जारी रहती है।

इस बार के लोकसभा चुनाव में भी ऐसा ही हो रहा है। चुनाव के दिन पूर्व मिदनापुर में सुबह से ही हिंसा की घटनाएं हुईं।

यहां के दो केंद्रों कांथी व तमलुक में एकाधिक अशांति की खबरें मिलीं। तमलुक के भाजपा उम्मीदवार अभिजीत गांगुली अशांति की खबर मिलते ही उस स्थान पर पहुंच रहे थे।

शनिवार की शाम मोयना में भाजपा नेता के घर पर पुलिस की तलाशी के विरोध में भाजपा उम्मीदवार अभिजीत गांगुली ने धरना दिया।

पुलिस को चेतावनी देते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता को पुलिस ने ‘नजरबंद’ किया है, उन्हें आधे घंटे के अंदर छोड़ना होगा अन्यथा आयोग में वह ‘अतिसक्रियता’ का आरोप लगाएंगे।

लापता हो गए गौतम गुरु

भाजपा के कनवेनर गौतम गुरु का घर तमलुक लोकसभा के मोयना के वृंदावन चौक में है। आरोप है कि शनिवार की सुबह मतदान कर घर लौटने के समय वह लापता हो गए।

आरोप है कि टीएमसी से उन्हें हत्या की धमकी मिली थी। इधर, गौतम गुरु के परिवार का आरोप है कि दोपहर लगभग एक बजे से पुलिस ने उनका घर घेर लिया है।

यह खबर पाकर अभिजीत गांगुली मौके पर पहुंचे और स्थानीय थाने के ओसी से बात की। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा नेता का घर क्यों घेर कर रखा गया है और महिला पुलिस को क्यों लाया गया है।

परिवार नहीं कर रहा सहयोग

पुलिस ने बताया कि भाजपा नेता के लापता होने को लेकर कुछ पूछताछ करनी है, लेकिन परिवार इसमें सहयोग नहीं कर रहा है।

वहीं परिवार का आरोप है कि सर्च वारंट के बगैर ही पुलिस घर की तलाशी लेना चाहती है। भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि बाद में थाने में बुलाकर परिवारवालों से पूछताछ की जाए, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी।

इसे लेकर ही अभिजीत गांगुली भाजपा नेता के घर से सटे मंदिर के पास धरने पर बैठ गए। पुलिस को चेतावनी दी कि आधे घंटे के अंदर पुलिस ने अगर गौतम गुरु का घर नहीं छोड़ा तो पुलिस के खिलाफ वह चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे।

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