स्वामीनाथन को भारत रत्न, लेकिन उनके सुझावों को लागू करने के लिए तैयार नहीं केंद्र सरकार: राहुल गांधी

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अंबिकापुर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा तो करती है, लेकिन वह (कृषि और किसानों पर) उनके सुझावों को लागू करने के लिए तैयार नहीं है।

राज्य के उत्तरी क्षेत्र सरगुजा जिले के मुख्यालय अंबिकापुर में एक सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, ”आज किसान दिल्ली की ओर पैदल जा रहे हैं।

उनको रोका जा रहा है, उन पर आंसू गैस के गोले चलाए जा रहे हैं। उनको जेल में भरा जा रहा है। वह सिर्फ यह कह रहे कि उन्हें अपनी मेहनत का फल मिलना चाहिए।”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”स्वामीनाथन जी को भाजपा की सरकार ने भारत रत्न दिया, लेकिन जिस चीज के लिए स्वामीनाथन जी ने अपनी जिंदगी दी, हिंदुस्तान के किसानों के लिए मेहनत की, जो स्वामीनाथ जी ने कहा उसको करने के लिए (केंद्र सरकार) तैयार नहीं है।”

उन्होंने कहा, ”स्वामीनाथन जी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि किसानों को एमएसपी का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए। वह भाजपा की सरकार नहीं कर रही है।

मैं कहना चाहता हूं कि केंद्र में ‘इंडिया’ (गठबंधन) की सरकार आएगी तो हम एमएसपी की गारंटी हिंदुस्तान के किसानों को देंगे।

जो स्वामीनाथ रिपोर्ट में लिखा है वह हम पूरा करके देंगे। यह हमारी शुरुआत है। हमारा चुनाव घोषणा पत्र बन रहा है। हम किसानों के लिए, मजदूरों के लिए काम करने जा रहे हैं।

गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर छोटे व्यापारियों को बर्बाद करने के लिए दो हथियारों जीएसटी (माल एवं सेवा कर) और नोटबंदी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ”देश में दो तरह के अन्याय हो रहे हैं। एक आर्थिक अन्याय और दूसरा सामाजिक अन्याय। आर्थिक अन्याय में बेरोजगारी फैल रही है।

बड़े-बड़े अरबपति चीनी माल हिंदुस्तान में बेच रहे हैं। शर्ट, पैंट मोबाइल सब देखिए इनमें ‘मेड इन चाइना’ लिखा होता है। यदि यह सामान हिंदुस्तान में बनता तब इससे यहां के बेरोजगार युवकों को रोजगार मिलता।”

कांग्रेस नेता ने दावा किया, “छोटे व्यापारियों को नरेन्द्र मोदी जी ने नोटबंदी और जीएसटी से खत्म कर दिया। रोजगार छोटे व्यापारी और उद्योगपति देते हैं जो छोटे कारखाने चलाते हैं, हथकरघा का काम करते हैं।

इन सबको नरेन्द्र मोदी जी ने साफ कर दिया। उन्होंने दो तरह का प्रयोग किया जीएसटी और नोटबंदी।”
गांधी ने इस दौरान जातिगत आरक्षण को देश का आर्थिक और सामाजिक एक्स-रे की संज्ञा दी और कहा कि सामाजिक न्याय के लिए यह क्रांतिकारी कदम है।

उन्होंने कहा कि देश में 73 फीसदी आबादी दलित, पिछड़े और आदिवासियों की है लेकिन बड़ी कंपनियों, मीडिया, निजी अस्पतालों और निजी विश्वविद्यालयों को चलाने में इनकी भागीदारी शून्य है।

गांधी ने कहा, “ यह 73 फीसदी आबादी ज्यादातर मनरेगा और ठेका श्रमिक के रूप में काम कर रही हैं। वह अपना खून और पसीना दे रहे हैं लेकिन उन्हें हक नहीं मिल रहा है।”

उन्होंने कहा कि इसलिए वह यात्रा कर रहे हैं और यात्रा में उन्होंने ‘न्याय’ शब्द जोड़ा है।

गांधी की यात्रा ने आठ फरवरी को पड़ोसी राज्य उड़ीसा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। दो दिन के अंतराल के बाद यात्रा 11 फरवरी को रायगढ़ जिले से फिर से शुरू हुई थी।

रविवार को रायगढ़ और सक्ती जिलों से गुजरी। सोमवार को यात्रा कोरबा शहर से शुरू हुई और मंगलवार को अंबिकापुर पहुंची।

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