Be careful!:
नई दिल्ली, एजेंसियां। अब सिर्फ प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करना आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं रह गई है। हाल ही में एक खतरनाक मैलवेयर “SparkKitty” का पता चला है, जो दिखने में साधारण लेकिन असल में खतरनाक ऐप्स के ज़रिए लोगों को निशाना बना रहा है। ये ऐप्स मैसेजिंग, फोटो एडिटिंग या क्रिप्टो से जुड़े फीचर्स के बहाने फोन में इंस्टॉल हो जाते हैं और फिर आपकी फोटो गैलरी और निजी डेटा तक पहुंच की परमिशन मांगते हैं।
अधिकतर लोग बिना सोचे “Allow” पर क्लिक कर देते हैं, और यहीं से खतरा शुरू हो जाता है। यह मैलवेयर OCR (Optical Character Recognition) तकनीक का इस्तेमाल कर आपकी तस्वीरों में छिपे टेक्स्ट को स्कैन करता है। यदि आपने कभी अपने क्रिप्टो वॉलेट की रिकवरी फ्रेज या पासवर्ड का स्क्रीनशॉट लिया है, तो यह आसानी से चोरी हो सकता है।
Be careful! Android और iPhone
SparkKitty मैलवेयर Android और iPhone दोनों प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय है और इसकी मौजूदगी न सिर्फ ऐप स्टोर, बल्कि थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स पर भी देखी गई है। यह लगातार आपकी गैलरी को मॉनिटर करता है और जैसे ही कोई नई फोटो जुड़ती है, उसे स्कैन कर संभावित संवेदनशील जानकारी हैकर्स के सर्वर तक भेज देता है। इससे न सिर्फ आपकी क्रिप्टो संपत्ति बल्कि प्राइवेसी भी खतरे में पड़ जाती है।
Be careful!इससे बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाएं:
सिर्फ भरोसेमंद डेवलपर्स के ऐप्स ही डाउनलोड करें।
ऐप्स को देते समय परमिशन पर ध्यान दें – हर एक्सेस जरूरी नहीं होता।
कभी भी पासवर्ड या क्रिप्टो रिकवरी फ्रेज का स्क्रीनशॉट न लें।
पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें।
एक भरोसेमंद एंटीवायरस ऐप जरूर इंस्टॉल करें।
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