नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट समेत देश के सभी न्यायालयों में अवकाश घोषित करने की मांग की है। 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत 5 राज्यों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
ऐसे में अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर देश भर की सभी अदालतों में छुट्टी घोषित करने का अनुरोध किया है।
बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा द्वारा लिखे गए पत्र में आयोजन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया है। पत्र में कहा गया है कि छुट्टी के कारण कानूनी बिरादरी के सदस्यों और अदालत के कर्मचारियों को अयोध्या और अन्यत्र संबंधित समारोहों में भाग लेने या देखने का मौका मिलेगा।
प्रधान न्यायाधीश को पत्र में लिखा गया है कि यह आयोजन देश भर के लाखों लोगों के लिए अत्यधिक धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, जो लंबे समय से प्रतीक्षित सपने के साकार होने और कानूनी कार्यवाही की परिणति का प्रतीक है।
पत्र में कहा गया कि इस आयोजन के धार्मिक, सांस्कृतिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के आलोक में, मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि 22 जनवरी 2024 को पूरे भारत में उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों, जिला अदालतों और अन्य अदालतों में छुट्टी घोषित करने पर विचार करें।’’
पत्र में कहा गया है कि भगवान राम का सार्वभौमिक महत्व सांस्कृतिक और धार्मिक सीमाओं से परे है, जो विभिन्न समुदायों और मतावलंबियों के लोगों के दिल और दिमाग को छूता है। पत्र में कहा गया है कि मैं न्याय प्रणाली के निरंतर कामकाज को सुनिश्चित करने के महत्व को समझता हूं, इसलिए, मैं प्रस्ताव करता हूं कि जिन मामलों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, उन्हें विशेष व्यवस्था के माध्यम से समायोजित किया जा सकता है या अगर जरूरी हो, तो अगले कार्य दिवस के लिए पुनर्निर्धारित किया जा सकता है।
इसे भी पढ़ें
कोयला कारोबारी अनिल गोयल और दीपक पोद्दार के ठिकानों से अब तक 5 करोड़ बरामद













