Andhra Pradesh honour killing case:
अमरावती, एजेंसियां। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में एक दिल दहला देने वाली ऑनर किलिंग की घटना सामने आई है। दशकों पुरानी प्रेम कहानी, जो हाल ही में शादी में बदली थी, कुछ ही घंटों में खून-खराबे में खत्म हो गई। पुलिस के मुताबिक, मंडपेट मंडल के द्वारापुडी गांव में 41 वर्षीय कपड़ा व्यापारी पोलिपल्ली वीरवेंकट सूर्यप्रकाश राव की कथित तौर पर उनकी पत्नी के भाइयों ने हत्या कर दी। आरोप है कि दोनों ने अंतरजातीय विवाह से नाराज होकर यह कदम उठाया।
सूर्यप्रकाश राव की पत्नी अयनविल्ली संध्या (40) सरकारी अधिकारी हैं और रायवरम में डिप्टी तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। दोनों की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी और वे 10वीं कक्षा तक साथ पढ़े। समय के साथ संपर्क टूट गया, लेकिन वर्षों बाद दोबारा मुलाकात ने पुराने रिश्ते को फिर जिंदा कर दिया। दोस्ती प्रेम में बदली और दोनों ने शादी का फैसला किया।परिवार के विरोध के बावजूद 26 फरवरी की सुबह उन्होंने Annavaram Satyanarayana Temple में विवाह किया और द्वारापुडी लौट आए। बताया जाता है कि संध्या ने शादी की तस्वीरें अपने बड़े भाई को भेजीं, जिससे परिवार में नाराजगी और बढ़ गई।
आधी रात घर पहुंचकर किया हमला
गुरुवार देर रात करीब 11:30 बजे, संध्या के दोनों भाई कथित तौर पर सूर्यप्रकाश राव के घर पहुंचे। उन्होंने बहाने से संध्या को बाहर बुलाने की कोशिश की। जब सूर्यप्रकाश राव भी बाहर आए, तो कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि झड़प के दौरान दोनों भाइयों ने उनके सिर पर पत्थर से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के समय मौजूद परिजनों और पड़ोसियों ने शोर सुनकर हस्तक्षेप किया और आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
समाज में फिर उठा ऑनर किलिंग का सवाल
यह घटना एक बार फिर जातिगत भेदभाव और अंतरजातीय विवाह के खिलाफ सामाजिक प्रतिरोध की कड़वी हकीकत को सामने लाती है। संध्या ने शादी के कुछ ही घंटों बाद अपने जीवनसाथी को खो दिया। सूर्यप्रकाश राव हाल ही में लिवर सर्जरी से उबरे थे और परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है। यह दर्दनाक वारदात बताती है कि प्रेम और व्यक्तिगत फैसलों के खिलाफ सामाजिक दबाव आज भी कई जगह जानलेवा साबित हो रहा है।







