Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा पर कैसे जायें ? [How to go on Amarnath Yatra?]

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Amarnath Yatra:

जम्मू, एजेंसियां। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है। 38 दिन की यात्रा 9 अगस्त यानी रक्षाबंधन तक चलेगी। अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो रूट हैं। एक पहलगाम बेस कैंप से और दूसरा बालटाल बेस कैंप से जाता है।

जम्मू से पहला जत्था 2 जुलाई को निकला है। 3 जुलाई को जत्थे पहलगाम और बालटाल से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू करेंगे।

पिछले साल 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर पहुंचे थे। हालांकि, इस साल अब तक सिर्फ साढ़े 3 लाख लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है।

आप भी अमरनाथ यात्रा पर जाना चाहते हैं और मन में कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे- यात्रा कैसे और कहां से शुरू करें, कितने दिन की छुट्टी लें, कहां से बुकिंग करें, यात्रा के लिए रूट क्या होगा, वहां रुकने के इंतजाम और टोटल कितना खर्च होगा? सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे? तो इन सब सवालों का जवाब आपको यहां मिलेगा।

Amarnath Yatra:सबसे पहले अमरनाथ यात्रा के दोनों रूट जान लीजिएः

अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के दो रास्ते हैं। एक रास्ता पहलगाम से शुरू होता है और दूसरा बालटाल से। इनकी अपनी खासियतें और चुनौतियां हैं।

पहलगाम वाला रूट 48 किलोमीटर का है। इसमें चढ़ाई कम है इसलिए इसे आसान माना जाता है। हालांकि, ये रूट लंबा है और इससे यात्रा करने में 3 से 5 दिन लग जाते हैं। ये पारंपरिक रूट है। सबसे ज्यादा भीड़ इसी रूट पर रहती है।

Amarnath Yatra:दूसरे रूट में चढ़ाई ज्यादाः

दूसरा रूट श्रीनगर से 95 किमी दूर बालटाल से शुरू होता है। इस रूट पर सिर्फ 14 किमी की चढ़ाई तय कर श्रद्धालु गुफा तक पहुंच जाते हैं। यात्रा में 1 से 2 दिन लगते हैं। ये रास्ता छोटा जरूर है, लेकिन खड़ी चढ़ाई होने की वजह से जोखिम भरा माना जाता है।

Amarnath Yatra:यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरीः

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए क्या प्रोसेस है, पहले वो समझ लेते हैं…

Amarnath Yatra:ऑनलाइन रजिस्ट्रेशनः

ये आसान और सुविधाजनक तरीका है। इसे श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की ऑफिशियल वेबसाइट jksasb.nic.in से किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल 2025 से हो रहे हैं। एक दिन में 15,000 रजिस्ट्रेशन हो सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन से पहले आपको यात्रा का कोई एक रूट चुनना होगा। इसके अलावा ID कार्ड जैसे-आधार, पासपोर्ट, वोटर ID या पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) देना जरूरी है। हेल्थ सर्टिफिकेट 8 अप्रैल 2025 या उसके बाद जारी हो।

Amarnath Yatra:RFID कार्ड लेना जरूरीः

रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर में बने सेंटर्स से RFID कार्ड लेना होगा, जिसके लिए बायोमेट्रिक eKYC वेरिफिकेशन होगा। इस कार्ड के बिना एक्सेस कंट्रोल गेट्स से नहीं गुजर सकते।

Amarnath Yatra:ऑफलाइन रजिस्ट्रेशनः

श्रद्धालुओं के पास ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का भी विकल्प है। 30 जून से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। इसके लिए देशभर में 533 से ज्यादा बैंक शाखाएं तय की गई हैं। इनमें पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर बैंक और यस बैंक की शाखाएं शामिल हैं।

जम्मू पहुंचकर भी ऑफलाइन टोकन लिया जा सकता है। जम्मू में कुल 4 जगहों पर तत्काल रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। इनमें रेलवे स्टेशन के पास, सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम और पंचायत भवन महाजन शामिल हैं। भगवती नगर बेस कैंप में सिर्फ साधु-संतों के लिए स्पेशल रजिस्ट्रेशन सेंटर है।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भी वही डॉक्यूमेंट्स लगेंगे, जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में लगते हैं। जम्मू में टोकन लेने के बाद तय सेंटर पर मेडिकल सर्टिफिकेट और बाकी डॉक्यूमेंट्स जमा कर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा किया जा सकता है।

Amarnath Yatra:क्या है रजिस्ट्रेशन का शुल्कः

भारतीय नागरिकों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन फीस प्रति व्यक्ति 120 रुपए और ऑनलाइन की फीस प्रति व्यक्ति 220 रुपए है। रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू आने वाले श्रद्धालु भगवती नगर बेस कैंप से जत्थों के साथ तय रूट के लिए निकल सकेंगे। फिर 3 जुलाई को अमरनाथ गुफा के लिए ट्रैकिंग शुरू करेंगे।

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