Akshay Kumar
मुंबई, एजेंसियां। टीवी और सिनेमा प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है कि अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की आइकॉनिक जोड़ी 14 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है। लंबे इंतजार के बाद यह जोड़ी फिल्म ‘भूत बंगला’ के जरिए 10 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। दोनों ने पहले कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है, जिनके डायलॉग्स आज भी दर्शकों की जुबान पर रहते हैं और सोशल मीडिया पर मीम्स की दुनिया में छाए रहते हैं।
हेरा फेरी – “औरत का चक्कर, बाबू भैया…”
प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘हेरा फेरी’ भारतीय कॉमेडी की क्लासिक फिल्म मानी जाती है। फिल्म में अक्षय कुमार (राजू) का यह डायलॉग, “औरत का चक्कर, बाबू भैया… औरत का चक्कर”, इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी किसी उलझी हुई या मजाकिया स्थिति में इसे अक्सर प्रयोग किया जाता है।
भागम भाग – “बहन डर गई, बहन डर गई!”
तेज़ रफ्तार कॉमेडी और भ्रम से भरी ‘भागम भाग’ में अक्षय का यह डायलॉग दर्शकों को लोट-पोट कर देता है। सीन की अफरातफरी और अक्षय की कॉमिक टाइमिंग ने इसे सदाबहार बना दिया।
दे दना दन – “देने वाला जब भी देता है… सब कुछ फाड़ देता है”
‘दे दना दन’ में अक्षय कुमार ने नितिन के किरदार में अपनी किस्मत को कोसते हुए यह लाइन बोली थी। यह डायलॉग हास्य और सरप्राइज का मिश्रण है, और आज भी लोग इसे किसी अनपेक्षित सफलता या मोड़ पर प्रयोग करते हैं।
खट्टा मीठा – “इतनी बेइज्जती? मैं तो ना सहता”
‘खट्टा मीठा’ में अक्षय कुमार का यह व्यंग्यात्मक डायलॉग मिडिल क्लास संघर्ष और भ्रष्टाचार पर हल्का-फुल्का तड़का डालता है। दोस्तों के बीच मजाक या ताने देने के लिए यह डायलॉग बेहद पसंदीदा है।
भूल भुलैया – “क्या हुआ, खत्म नहीं हुआ क्या? नायग्रा फॉल है क्या?”
हॉरर-कॉमेडी ‘भूल भुलैया’ में डॉक्टर आदित्य श्रीवास्तव के किरदार में अक्षय का यह डायलॉग डर और हंसी का संतुलन बखूबी दिखाता है। गंभीर माहौल में अचानक ह्यूमर डालने की यह लाइन प्रियदर्शन की खासियत को दर्शाती है।
‘भूत बंगला’ के जरिए अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी पुराने जादू को फिर से जीवंत करने का वादा कर रही है। 14 साल के लंबे इंतजार के बाद उनके फैंस को कॉमिक टाइमिंग और मजेदार डायलॉग्स का आनंद लेने का सुनहरा मौका मिलने वाला है।








