बिहार में भगोड़े शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, ढाई दर्जन सस्पेंड

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6 माह से ज्यादा समय से बिना सूचना गायब हैं 582 शिक्षक

पटना। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के एक फरमान से राज्य में हड़कंप मच गया है।

वह हाथ धोकर भगोड़े शिक्षकों के पीछे पड़ गए हैं। शिक्षा सचिव के आदेश पर शिक्षा विभाग ने सिवान जिले के 30 भगोड़े शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है।

विभाग की कार्रवाई के बाद नियोजित शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने नियोजित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

बिना सूचना के स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। इधर, सबकी नजरें निलंबन के आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

बता दें कि पिछले दिनों शिक्षा सचिव केके पाठक ने सभी डीएम और पंचायती राज विभाग को पत्र लिखकर गायब रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्दश दिया था।

उन्होंने कहा था कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनाने के लिए सक्षमता परीक्षा ली जा रही है। ऐसे में उन शिक्षकों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाये, जो लंबे समय से बिना सूचना के स्कूल नहीं आ रहे हैं।

केके पाठक ने कहा है कि राज्य में 582 शिक्षक 6 माह से अधिक समय से स्कूल नहीं आ रहे हैं। इनमें से कई ऐसे हैं, जो दो साल से अधिक दिनों से गायब हैं। अब सभी के खिलाफ कार्रवाई तय है।

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