एबीवीपी ने राजशरण शाही, याज्ञवल्क्य शुक्ल को दोबारा अध्यक्ष और महासचिव चुना

2 Min Read

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने वर्ष 2023-24 के लिए दोबारा से राजशरण शाही को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष और याज्ञवल्क्य शुक्ल को राष्ट्रीय महासचिव चुना है। मुंबई में छात्र संगठन के केंद्रीय कार्यालय से चुनाव अधिकारी सी.एन. पटेल द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि शाही और शुक्ल सात से 10 दिसंबर तक दिल्ली में होने वाले एबीवीपी के 69वें राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।

याज्ञवल्क्य शुक्ल मूलतः झारखंड के गढ़वा जिले से हैं। विद्यालयी जीवन से ही परिषद के संपर्क में हैं तथा वर्ष 2009 से पूर्णकालिक कार्यकर्ता हैं। पूर्व में रांची महानगर संगठन मंत्री, झारखंड प्रांत संगठन मंत्री, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य तथा बिहार क्षेत्र के क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। अभी केंद्र पटना है।

शुक्ल ने रांची विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में पीएचडी तक की शिक्षा प्राप्त की है। नीलाम्बर-पिताम्बर विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में परास्नातक में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। जगजीत सिंह नामधारी महाविद्यालय, गढ़वा के निर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष तथा रांची विश्वविद्यालय के निर्वाचित छात्रसंघ उपाध्यक्ष रहे हैं।

शुक्ल के निर्वाचन पर कई लोगों ने शुभकामनाएं दी है। डा. राजशरण शाही मूलतः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से हैं। वर्तमान में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में शिक्षाशास्त्र विभाग में सह-आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। 1989 में विद्यार्थी जीवन से अभाविप के संपर्क मे हैं। शिक्षक कार्यकर्ता के रूप में अब तक गोरखपुर महानगर अध्यक्ष से लेकर गोरक्ष प्रांत अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आदि दायित्वों का निर्वहन कर चुके है।

शाही ने अभी तक छह पुस्तकों का लेखन व संपादन किया है। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला में एसोसिएट भी रहे हैं। 2017 में श्रेष्ठतम शिक्षक का पुरस्कार मे्ं भी मिला था। उत्तर प्रदेश की विभिन्न शैक्षिक एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन संबंधी महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य भी हैं।

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं