भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पिछले पांच दिनों से मध्य प्रदेश में है। पर इस न्याय यात्रा में कुछ चेहरे नहीं दिख रहे हैं।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमान संभालने वाले दिग्गज नेता कमलनाथ, सांसद नकुलनाथ समेत 7 विधायक भी गायब हैं।
छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ का बीजेपी में जाने की अटकलों के बारे में कहा था कि वह पार्टी नहीं बदल रहे हैं।
वह कांग्रेस के टिकट पर ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। बावजूद इसके कमल नाथ सहित छिंदवाड़ा के सभी सात विधायक राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में नहीं दिखे।
इससे उनकी पाला बदलने की अटकलों को और हवा मिली है।
वहीं बीते मंगलवार को महाकाल मंदिर में राहुल के साथ मौजूद कमलनाथ ने कहा था कि वह सीईसी की बैठक के लिए बाहर गए थे।
यह और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल लोकसभा चुनावों पर चर्चा के लिए रैली के बाद सभी 66 पार्टी विधायकों से मिलने वाले थे।
यह पूछे जाने पर कि वह न्याय रैली में शामिल क्यों नहीं हुए, कमलनाथ ने कहा कि मुझे कल सीईसी की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आने के लिए कहा गया था।
यह पूछे जाने पर कि क्या छिंदवाड़ा के अन्य छह विधायक दिल्ली में उनके साथ हैं। तब कमल नाथ ने कहा कि वे दिल्ली में क्या करेंगे।
उन्होंने कहा कि सिर्फ छिंदवाड़ा विधायक ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य क्षेत्रों के कांग्रेस विधायक भी विभिन्न कारणों से बदनावर रैली में शामिल नहीं हो सके।
छिंदवाड़ा विधायक पहली यात्रा में भी शामिल नहीं हुए थे। आदिवासी बहुल धार जिले का बदनावर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार का गृह क्षेत्र है।
कांग्रेस ने सभी विधायकों और शीर्ष नेताओं को मध्य प्रदेश में न्याय यात्रा की अंतिम रैली में भाग लेने के लिए कहा था।
राज्य में न्याय यात्रा के सभी छह दिन छिंदवाड़ा के छह विधायक गायब रहे। नकुल पहले दिन ही यात्रा में शामिल हुए।
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