इस साल रक्षाबंधन पर बन रहे हैं 6 शुभ संयोग [6 auspicious coincidences are happening on Rakshabandhan this year]

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रांची। रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा या सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता हैं। शास्त्रों के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा तिथि को भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन मनाना अच्छा होता है।

इस समय में बहनों को अपनी भाइयों को राखी बांधनी चाहिए। इस साल 2024 में रक्षाबंधन पर 6 शुभ संयोग बन रहे हैं, लेकिन उस दिन पाताल की भद्रा राखी के त्योहार का मजा थोड़ा किरकिरा कर सकती है।

हालांकि कई विद्वानों का मत है कि पाताल की भद्रा का असर धरती पर नहीं होता है, लेकिन आम जनमानस इसे शुभ कार्यों में नजरअंदाज नहीं करता है। वैसे भी यह त्योहार भाई और बहन की खुशहाली से जुड़ा है।

आइये जानते है काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से कि रक्षाबंधन पर कौन से 6 शुभ संयोग बन रहे हैं? रक्षाबंधन पर राखी बांधने का मुहूर्त क्या है? रक्षाबंधन के दिन भद्रा कब से लग र​ही है?

रक्षाबंधन 2024 तारीख

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस बार 19 अगस्त सोमवार को तड़के सुबह 3 बजकर 4 मिनट AM से सावन पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी और यह 19 अगस्त को ही रात 11 बजकर 55 मिनट पर खत्म होगी। सूर्योदय की तिथि के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार 19 अगस्त को मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन 2024 में है 6 शुभ संयोग

इस साल रक्षाबंधन पर 6 शुभ संयोग बन रहे हैं, जिसके कारण राखी का त्योहार अत्यंत शुभ फलदायी होगा।

राखी के दिन राज पंचक, सावन सोमवार, सावन पूर्णिमा का व्रत और स्नान है, वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और शोभन योग बन रहे हैं। इन 6 शुभ संयोग के कारण रक्षाबंधन का त्योहार विशेष बन जाएगा।

  1. राज पंचक: रक्षाबंधन के दिन राज पंचक शाम 07:00 PM से शुरू हो रहा है, जो अगले दिन 05:53 AM तक है। सोमवार को शुरू होने वाला राज पंचक शुभ होता है। इसके शुभ प्रभाव से प्रॉपर्टी और सरकारी कामों को करने में सफलता मिलती है।
  2. सावन सोमवार: सावन सोमवार को बेहद ही शुभ दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखते हैं और शिव जी की पूजा करते हैं। इस बार सावन सोमवार को श्रावण मास का समापन हो रहा है। सावन सोमवार के व्रत और पूजन से मनोकामनाएं पूरी होंगी।
  3. सावन पूर्णिमा का व्रत और स्नान: रक्षाबंधन के दिन सावन पूर्णिमा का व्रत और स्नान है। सावन पूर्णिमा को स्नान, दान और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
  4. सर्वार्थ सिद्धि योग: सभी कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग भी रक्षाबंधन पर बन रहा है। यह योग 05:53 AM से 08:10 AM तक रहेगा।
  5. रवि योग: रक्षाबंधन वाले दिन रवि योग भी 05:53 AM से 08:10 AM तक है। इसमें सूर्य का प्रभाव अधिक होता है और इस योग में सभी दोष मिट जाते हैं।
  6. शोभन योग: रक्षाबंधन के दिन शोभन योग पूरे दिन है। इसके स्वामी ग्रह देव गुरु बृहस्पति हैं, जो शुभता के प्रतीक हैं।

रक्षाबंधन 2024 भद्रा काल

रक्षाबंधन पर भद्रा सुबह में 05:53 AM से दोपहर 01:32 PM तक रहेगी। सामान्यतः लोग भद्रा के समय में राखी बांधने से परहेज करते है।

रक्षाबंधन 2024 राखी बांधने का मुहूर्त

19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का मुहूर्त दोपहर में 1:32 PM से लेकर रात 9:08 PM तक है। इसी के आधार पर इस साल रक्षाबंधन का मुहूर्त साढ़े 7 घंटे से अधिक रहेगा।

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