राजस्थान हाईकोर्ट ने अबॉर्शन को मंजूरी दी
जयपुर, एजेंसियां। राजस्थान हाईकोर्ट ने 13 साल की रेप पीड़ित को 27 हफ्ते 6 दिन (7 महीने) की प्रेग्नेंसी में अबॉर्ट कराने की अनुमति दी है। अदालत ने कहा, ‘अगर पीड़ित को डिलीवरी के लिए मजबूर किया गया तो उसे जीवनभर तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। इसमें बच्चे के भरण-पोषण से लेकर अन्य मुद्दे भी शामिल हैं।’
प्रेग्नेंसी अबॉर्शन का नियम क्या कहता है:
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के तहत, किसी भी शादीशुदा महिला, रेप विक्टिम, दिव्यांग महिला और नाबालिग लड़की को 24 हफ्ते तक की प्रेग्नेंसी अबॉर्ट करने की इजाजत दी जाती है। 24 हफ्ते से ज्यादा प्रेग्नेंसी होने पर मेडिकल बोर्ड की सलाह पर कोर्ट से अबॉर्शन की इजाजत लेनी पड़ती है।
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