असम: कामाख्या मंदिर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी, असम पुलिस ने न्यूज एंकर और राजा रघुवंशी की बहन को भेजा समन [Alleged objectionable comment on Kamakhya temple, Assam Police sent summons to news anchor and Raja Raghuvanshi’s sister]

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Raja Raghuvanshi:

गुवाहाटी, एजेंसियां। असम पुलिस ने एक न्यूज चैनल के एंकर और राजा रघुवंशी की बहन सृष्टि रघुवंशी को समन भेजा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने असम के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर को लेकर आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणी की थी। कामाख्या मंदिर हिंदू धर्म के 51 शक्तिपीठों में से एक है और यह असम में धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है।

गुवाहाटी सिटी पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब एक न्यूज चैनल पर प्रसारित इंटरव्यू में एंकर ने कामाख्या मंदिर के बारे में कथित तौर पर गलत और अपमानजनक बयान दिए। सृष्टि रघुवंशी भी इस इंटरव्यू में मौजूद थीं और उन्होंने एंकर की बातों का समर्थन किया था। इसके बाद, पुलिस ने क्राइम ब्रांच में इस मामले का केस दर्ज किया।

Raja Raghuvanshi:कानूनी कार्रवाई

इस मामले को लेकर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 196(2), 299 और 302 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस संबंध में एंकर और सृष्टि रघुवंशी को पहले भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन वे अब तक पुलिस के सामने पेश नहीं हुए।

गुवाहाटी पुलिस के संयुक्त आयुक्त अंकुर जैन ने कहा कि मामले में आरोपी एंकर और सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी अगर वे आगामी दिनों में भी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होते।

Raja Raghuvanshi:धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन

पुलिस का कहना है कि इस इंटरव्यू में की गई टिप्पणी से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और इससे समाज में शांति और सौहार्द को नुकसान हुआ है। यह टिप्पणी असम के कामाख्या मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल के बारे में की गई थी, जहां हर साल अंबुबाची मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस मामले में सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है, और पुलिस की ओर से आगे की जांच जारी है।

Raja Raghuvanshi:केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद राजनीतिक हलचल

हाल ही में, केंद्रीय मंत्री ने भी इस मामले में टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि धर्म और आस्था का अपमान नहीं किया जा सकता। इसके बाद से इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

यह मामला असम में कामाख्या मंदिर की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और इससे जुड़ी सांप्रदायिक तनाव की संभावना को देखते हुए पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है।

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