JSSC Recruitment: विशेष सहायक आचार्य भर्ती पर बवाल, 3451 पदों की प्रक्रिया के खिलाफ अभ्यर्थियों का विरोध

2 Min Read

JSSC Recruitment

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा प्रशिक्षित विशेष सहायक आचार्य के 3451 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही राज्यभर में विरोध तेज हो गया है। विशेष प्रशिक्षित शिक्षक संघ के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि आयोग द्वारा तय किए गए नियम और पात्रता शर्तें दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के अनुरूप नहीं हैं। इसे लेकर रविवार को रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकाला गया, जो बाद में सभा में बदल गया।

अभ्यर्थियों ने क्या कहा?

अभ्यर्थियों का कहना है कि दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत दिव्यांगता की श्रेणियां पहले की 7 के बजाय अब 21 कर दी गई हैं, लेकिन JSSC अब भी पुरानी पात्रता व्यवस्था के आधार पर भर्ती कर रहा है। उनका आरोप है कि इससे ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, सेरेब्रल पाल्सी और अन्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित शिक्षक नहीं मिल पाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने इसे न केवल अभ्यर्थियों बल्कि विशेष बच्चों के भविष्य के साथ भी अन्याय बताया।

अभ्यर्थियों ने TET की मांग उठाई

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए ऑक्युपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी और व्यवहारिक प्रशिक्षण जैसे आधुनिक कौशल जरूरी हैं, जिनका मूल्यांकन केवल नई और अद्यतन पात्रता परीक्षा से ही संभव है। बिना Special TET के भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता होगा।

सभा की अध्यक्षता पॉवेल कुमार ने की, जबकि छाया कुमार, निखिल कुमार, संतोष कुमार, सुमंती कुमारी सहित कई अभ्यर्थियों ने अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि दिव्यांग कानून के अनुरूप नियमों में संशोधन किए बिना भर्ती प्रक्रिया जारी रही, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और JSSC से अपील की कि दिव्यांग बच्चों के हित को सर्वोपरि रखते हुए भर्ती नियमों में तत्काल सुधार किया जाए।

Share This Article