नए नवेले बंगले में नहीं जा रहे झारखंड के मंत्री, 4 माह पहले ही हो चुके आवंटित [Jharkhand ministers are not moving into their new bungalows, which were allotted to them 4 months ago]

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Jharkhand ministers :

रांची। झारखंड के मंत्रियों के लिए रांची स्मार्ट सिटी में 70 करोड़ रुपए की लागत से 11 बंगले बनकर तैयार हैं। भवन निर्माण विभाग ने 20 फरवरी को इसे मंत्रियों को आवंटित कर दिया है। लेकिन, अब तक सिर्फ चार मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, शिल्पी नेहा तिर्की, योगेंद्र प्रसाद और संजय सिंह यादव ही यहां शिफ्ट हुए हैं। सात अन्य मंत्री पुराने आवास में ही जमे हैं।

Jharkhand ministers :नियमों का हो रहा उल्लंघनः

नियम है कि अगर किसी मंत्री, अधिकारी या कर्मचारी को कोई आवास आवंटित होता है, तो उसे एक महीने के भीतर नए आवास में शिफ्ट होना पड़ता है। सेवानिवृत्ति के बाद भी एक महीने के भीतर आवास छोड़ना पड़ता है। स्वास्थ्य समस्या जैसी विशेष परिस्थिति में उन्हें दो महीने की अतिरिक्त छूट दी जाती है। मंत्री नए बंगले में शिफ्ट क्यों नहीं हो रहे, कब तक शिफ्ट होंगे, यह स्पष्ट नहीं बता रहे।

Jharkhand ministers :मंत्रियों की मांग के अनुसार बंगले में हो रहा बदलाव: ईई

भवन निर्माण विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर दीपक महतो ने कहा कि पूरी तरह से तैयार होने के बाद ही बंगले का आवंटन किया गया है। कुछ मंत्रियों ने अपने हिसाब से कुछ काम कराने को कहा था। यह काम कराया जा रहा है। जल्दी ही काम पूरा हो जाएगा।

Jharkhand ministers :नए बंगले में न जाने के पीछे मंत्रियों के तर्कः

अभी इंटीरियर का काम चल ही रहा है : हफीजुल हसन
अल्पसंख्यक मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि बंगले में इंटीरियर का काम चल रहा है। इसलिए वहां नहीं गए हैं। जैसे ही काम पूरा होगा, नए बंगले में शिफ्ट हो जाएंगे।
बाहर शौचालय और पानी की व्यवस्था हो : रामदास
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि मंत्री से मिलने रोज कई लोग आते हैं। इसलिए बाहर शौचालय व पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। यह हो जाएगा तो चले जाएंगे।
वहां सिर्फ ऑफिस चलेगा, मैं पुराने घर में रहूंगा : राधाकृष्ण

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अभी फर्निशिंग का काम पूरा ही नहीं हुआ। वैसे भी वहां केवल मेरा ऑफिस ही चलेगा। मैं अपने पुराने आवास में ही रहूंगा।

पुराना सरकारी आवास मेरे लिए लकी : इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि अभी धुर्वा के जिस सरकारी आवास में रह रहे हैं, वह मेरे लिए लकी है। सरकार का आदेश होगा तो बंगले में चले जाएंगे।

जानिए, कैसा है मंत्रियों का बंगला

हर बंगले का परिसर 16,321 वर्ग फीट का है। इसमें करीब 8000 वर्ग फीट में भवन बना है। बंगला दो हिस्सों में बनाया गया है। पहला आवासीय ब्लॉक और दूसरा एनेक्स ब्लॉक। एनेक्स ब्लॉक मंत्रियों के कामकाज की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है। हर बंगले में एसी और लिफ्ट है। आवासीय ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर एंट्रेंस गैलरी, ड्राइंग रूम, लॉबी, गेस्ट हाउस, मास्टर बेडरूम सुईट, डायनिंग एरिया, यूटिलिटी एरिया, किचन, फैमिली लाउंज, रेसिडेंसियल चैंबर, इनर ऑफर और केयरटेकर का कमरा है। फर्स्ट फ्लोर पर फैमिली लाउंज, मास्टर बेडरूम, चिल्ड्रन बेडरूम, पैंट्री, मल्टीपर्पस स्टोर रूम, पूजा रूम ओर बालकनी है। सभी बेडरूम बालकनी से जुड़े हैं। एक छोटा पार्क भी है। आवासीय परिसर में क्लब हाउस, कैफे लाउंज, जिम, बैडमिंटन कोर्ट आदि हैं।

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