घाटशिला के माकुली जंगल पहुंचा बाघ, पंजे के मिले निशान [Tiger reached Makuli forest of Ghatshila, claw marks found]

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बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती इलाके में काट रहा चक्कर

घाटशिला। पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला के माकुली जंगल क्षेत्र में बाघ के पगचिह्न ‎देखे जाने की खबर ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच खौफ‎ का माहौल पैदा कर दिया है। इसी गांव के एक ग्रामीण ‎का बैल दो दिनों से लापता है, जिससे यह आशंका‎ जताई जा रही है कि वह बाघ का शिकार बन गया है।

घाटशिला वन क्षेत्र के डीएफओ और रेंज ‎‎कर्मियों की टीम ने माकुली जंगल क्षेत्र का मुआयना ‎किया और सतर्कता के मद्देनजर बाघ के भ्रमण क्षेत्र की ‎‎विस्तृत जानकारी एकत्र की। इस दौरान बाघ के‎ विचरण के स्पष्ट पगचिह्न मिलने की पुष्टि हुई।‎

बाटालुका-हमबेड़ा गांव में मिले थे पगचिह्नः

यह बाघ बंगाल चला गया था, पर बीते सोमवार 13 जनवरी को पटमदा के बाटालुका-हमबेड़ा गांव में तीन जगहों पर बाघ के पंजे के निशान मिले थे।

ग्रामीणों में भय का माहौल ग्रामीणों का कहना है‎ कि माकुली जंगल क्षेत्र में पहले भी जंगली जानवरों ‎का विचरण होता रहा है, लेकिन बाघ की उपस्थिति ने ‎उन्हें और अधिक भयभीत कर दिया है।

बच्चों और पालतू‎ जानवरों को जंगल के करीब जाने से रोका जा रहा है।‎ वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है ‎और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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