Irfan Ansari:
रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही के बीच एक बार फिर सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई है। दोनों एक-दूसरे पर जुबानी हमले कर रहे हैं। इरफान अंसारी के बेटे द्वारा अस्पतालों के निरीक्षण किये जाने के मामले को भानू प्रताप मुद्दा बनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि इरफान अंसारी जी इसका भी निरीक्षण कर के कृष बाबू से बनवाइएगा कि खाली अस्पताले निरीक्षण करवाइयेगा। आगे लिखा कि कृष बाबू यह आपके अब्बू जान के क्षेत्र का है, जहां से आपके अब्बू जान तीन बार विधायक दो बार मंत्री बने हैं।
इरफान का पलटवार-पिता को जबरदस्ती इत्सीफा दिलवाया, तब नैतिकता कहां थीः
भानू प्रताप शाही के बयान पर इरफान अंसारी ने पलटवार किया है। उन्होंने लिखा कि जब आप जेल में थे, तब आपके पिता मंत्री बने थे। आप जेल से बाहर निकले तो पिता हेमंत प्रताप देहाती को जबरदस्ती मंत्री पद से इस्तीफा दिलवाया। भानू जी, उस वक्त आपकी नैतिकता कहां थी। आपने अपने पिता को मंत्री पद से वंचित कर खुद कुर्सी पर कब्जा कर लिया और तब से घोटाले होते रहे, आप बस देखते रहे।
खबरदार मेरे पुत्र के बारे में कुछ बोला तोः
इरफान ने आगे लिखा है कि खबरदार मेरे पुत्र कृष अंसारी के बारे में कुछ बोला। मेरा पुत्र गंगा की तरह पवित्र मंशा से रिम्स गया था और जब जब किसी इंसान को कृष की जरूरत पड़ेगी वह जाएगा। रिम्स किसी की बपौती नहीं है। कृष में एक समाज सेवी देश भक्त का खून दौड़ रहा है। मानवता की पुकार पर कृष सौ बार वहां जाएगा जंहा उसकी जरूरत होगी।
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