रांची। झारखंड की 43 सीटों के लिए पहले चरण में मतदान के दौरान बढ़े हुए वोट प्रतिशत ने सभी को चौंका दिया है। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार 3 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ है। बढ़े हुए मतदान प्रतिशत से कई सीटों के सियासी समीकरण में बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है।
महिला मतदाताओं की भूमिका बढ़ीः
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह से कई विधानसभा सीटों पर पुरुषों से अधिक महिलाओं ने वोट किया, उसे देखकर यह साफ कहा जा सकता है कि चुनाव परिणाम में महिला मतदाताओं की भूमिका ही निर्णायक होगी। हालांकि मतदान के दौरान महिलाओं ने मंईयां सम्मान’ या ‘गोगो दीदी’ योजना को ध्यान में रखकर वोट दिया, इसका खुलासा तो चुनाव परिणाम में ही हो पाएगा।
रांची की 5 सीटों में महिलाओं ने पुरूषों को पीछे छोड़ाः
चुनाव आयोग आंकड़ों के अनुसार रांची के तमाड़ विधानसभा सीट पर कुल 1 लाख 62 हजार 607 मतदाताओं की ओर से अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया, जिसमें 80 हजार 805 पुरुष और 81 हजार 802 महिला मतदाताओं ने वोट किए। इसी तरह से हटिया में 3 लाख 7 हजार 38 मतदाताओं ने वोट डाले, उसमें 1 लाख 53 हजार पुरुष और 1 लाख 54 हजार 486 महिला मतदाताओं ने वोट किए।
इसी तरह से कांके में 3 लाख 3 हजार 360 मतदाताओं ने वोट डाले, जिसमें 1 लाख 51 हजार 329 पुरुष और 1 लाख 52 हजार 31 महिला मतदाताओं ने वोट डाले। मांडर में भी कुल 2 लाख 75 हजार 336 मतदाताओं ने वोट डाले, इसमें 1 लाख 32 हजार 760 पुरुष और 1 लाख 42 हजार 575 महिला मतदाताओं ने वोट डाले।
रांची विधानसभा क्षेत्र में कुल 1 लाख 98 हजार 833 वोटरों ने मतदान किया, इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1 लाख 1 हजार 481 पुष और 87 हजार 344 महिला मतदाताओं ने वोट डाले। इस तरह से रांची जिले की पांच विधानसभा सीटों पर कुल 12 लाख 47 हजार 974 मतदाताओं ने वोट डाले, इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 6 लाख 19 हजार और 6 लाख 28 हजार महिला मतदाताओं ने वोट डाले।
महिला मतदान का प्रतिशत बढ़ने के क्या है मायनेः
दरअसल, इन चुनाव के दौरान मंईयां सम्मान योजना और गोगो दीदी योजना को लेकर काफी चर्चा रही। एनडीए और इंडी गठबंधन दोनों को ही उम्मीद है कि महिवाएं उनकी योजनाओं से प्रभावित होंगी। राज्य सरकार ने इस योजना को चालू कर दिया है और दिसंबर से 2500 रुपये देने की घोषणा की।
वहीं, बीजेपी ने प्रतिमाह 2100 रूपये महिलाओं को देने का वादा किया है। माना जा रहा है कि महिला मतादाताओं की संख्या बढ़ने के पीछे कहीं न कहीं ये दोनों योजनाएं भी कारण रही हैं। अब ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों में से कौन सी योजना महिलाओं को ज्यादा लुभा पाती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि किसी भी दल की जीत हार में महिला वोटरों का भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
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