झारखंड में क्यों लेट हुआ मानसून, 1 सप्ताह देर से आयेगा; 3 साल से कमजोर मानसून की मार झेल रहे किसान [Why is monsoon delayed in Jharkhand, it will arrive late by 1 week; Farmers suffering from weak monsoon for last 3 years]

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रांची। झारखंड में एक बार फिर मानसून लेट हो गया है। एक ओर लोग गर्मी से परेशान हैं, तो दूसरी ओर यहां मानसून के आगमन की तिथि की अनिश्चितता भी बनी हुई है।

पहले 19-20 जून तक मानसून के प्रवेश करने की बात थी, लेकिन अब 23 से 25 जून के बीच झारखंड में मानसून के प्रवेश की संभावना है।

मौसम विभाग रांची के वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून की गतिविधि में कोई बदलाव नहीं हुआ है और अगले पांच दिनों के दौरान बिहार और बंगाल के कुछ हिस्सों तक ही इसके प्रवेश की संभावना बन रही है।

इन दोनों राज्यों में प्रवेश करने के बाद ही झारखंड में प्रवेश होगा। वह भी पाकुड़ और पूर्वी सिंहभूम के रास्ते प्रवेश करेगा। इससे पहले भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।

कई जिलों में बादल छाये

मौसम विभाग के अनुसार, हवा के रुख में परिवर्तन हो रहा है। इसके कारण राज्य के पूर्वी हिस्से संताल और कोल्हान समेत राजधानी में भी बादल छाए हुए हैं।

रांची के कुछ हिस्से में छिटपुट बारिश हुई है, लेकिन पलामू, गढ़वा और आसपास के जिलों में भीषण गर्मी जारी है।

10 साल में 7 बार लेट हुआ मानसून

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद का कहना है कि मानसून आने की कोई एक निर्धारित तिथि नहीं होती। यह मानसून के प्रवेश और प्रस्थान की तिथि को लेकर अध्ययन के आधार पर एक औसत अवधि होती है, जिस बीच मानसून आगमन और प्रस्थान करता है।

मानसून के प्रवेश या प्रस्थान की तिथियों के कारण यह अवधि निश्चित की जाती है। राज्य में पिछले एक दशक के दौरान झारखंड में केवल तीन बार मानसून समय पर और सात बार विलंब से आया।

2014 से लेकर 2023 तक यह केवल तीन बार 2015 में 15 जून, 2020 में 13 जून और 2021 में 12 जून झारखंड में प्रवेश किया था।

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