सरकारी बॉडी गार्डों को क्यों कोर्ट बुलाना चाहते हैं बाहुबली संजीव सिंह

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रांची। सूर्यदेव सिंह के पुत्र और पूर्व विधायक संजीव सिंह अपने सरकारी बॉडी गार्डों को कोर्ट में बुलाना चाहते हैं। वह चाहते हैं पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या के मामले में हो रही सुनवाई में उनके बयान भी दर्ज किये जायें। इसके लिए पूर्व विधायक की ओर से कोर्ट में आग्रह किया गया है।

उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया है कि बतौर गवाह उनके पांचों सरकारी बॉडी गार्डों के नाम गवाहों की सूची में शामिल किये जायें। जबकि सरकारी अधिवक्ता की ओर से गवाहों की सूची में संजीव सिंह के सरकारी बॉडी गार्डों के नाम शामिल नहीं किये गये हैं। बता दें कि पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्यकांड मामले की सुनवाई धनबाद  कोर्ट में हो रही है।

बीते गुरुवार को भी नीरज सिंह समेत चार लोगों के हत्याकांड की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में हुई। इस दौरान आरोपी पूर्व ​विधायक संजीव सिंह की ओर से आवेदन देकर कहा गया कि घटना की तारीख, स्थान एवं समय पर वह अपने आवास पर पांच सरकारी अंगरक्षकों के साथ बैठे थे।

उन सरकारी अंगरक्षकों का बयान पुलिस ने अनुसंधान के दौरान दर्ज किया था, परंतु मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने उन सरकारी अंगरक्षकों का बयान अदालत में दर्ज कराने से इनकार कर दिया।

इसलिए उन अंगरक्षकों हवलदार गंसा कच्छप, पुलिसकर्मी राजेश कुमार, सत्येंद्र सिंह, मुन्ना कुमार सिंह एवं सतीश कुमार को बचाव पक्ष की ओर से अदालत में बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया जाए। संजीव के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने अवधेश राय को भी गवाही के लिए बुलाए जाने की अदालत से प्रार्थना की।

 पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों के हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में हुई। इस दौरान आरोपी पूर्व ​विधायक संजीव सिंह की ओर से आवेदन देकर कहा गया कि घटना की तारीख, स्थान व समय पर वह अपने आवास पर सरकारी पांच अंगरक्षकों के साथ बैठे थे। उन सरकारी अंगरक्षकों का बयान पुलिस ने अनुसंधान के दौरान दर्ज किया था, परंतु मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने उन सरकारी अंगरक्षकों का बयान अदालत में दर्ज कराने से इनकार कर दिया।

इसलिए उन अंगरक्षकों हवलदार गंसा कच्छप, पुलिस राजेश कुमार, पुलिस सत्येंद्र सिंह, मुन्ना कुमार सिंह एवं पुलिस सतीश कुमार को बचाव पक्ष की ओर से अदालत में बयान दर्ज कराने हेतु नोटिस जारी किया जाए। संजीव के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने अवधेश राय को भी गवाही के लिए बुलाए जाने की अदालत से प्रार्थना की।

इसके बाद बचाव पक्ष के आवेदन पर सहायक लोक अभियोजक समिति प्रकाश ने जवाब देने के लिए समय की याचना की। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तारीख निर्धारित की है।  बता दें कि साल 2017 में पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या कर दी गई थी। हत्या से पहले उनकी रेकी की गई थी। बताया जाता है कि बड़ी साजिश के तहत इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।

नीरज सिंह पर दिनदहाड़े 70 से ज्यादा राउंड गोलियां दागी गई थी। इस वारदात में नीरज सिंह समेत गाड़ी में सवार उनके निजी बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी, ड्राइवर और करीबी समर्थक अशोक यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस हत्याकांड से पूरा झारखंड दहल गया था।

घटना के बाद सरायढ़ेला थाना में नीरज सिंह हत्याकांड मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस समय राम प्रवेश कुमार दण्डाधिकारी की निगरानी में घटनास्थल से सामान जब्त किये गये, जिनमें कारतूस के खोखे और वह गाड़ी शामिल थी, जिस पर फायरिंग की गई थी। मामले की जांच हुई और रिपोर्ट के आधार पर चार शूटरों के साथ झरिया के तत्कालीन विधायक संजीव सिंह पर भी आरोप लगे। फिर सभी आरोपियों की गरफ्तारी हुई। संजीव सिंह तब से ही जेल में हैं।

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