टीवी पर बहस के बाद क्यों भिड़े योगेंद्र यादव और कुमार विश्वास

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नयी दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक टीवी बहस चर्चा का विषय बन गया है। बहस टीवी एंकर और स्वराज इंडिया के सह-संस्थापक योगेंद्र यादव के बीच हुई है। इसके वीडियो में टीवी एंकर देश में पहले 10 राज्यों में ब्राह्मण मुख्यमंत्रियों और एक समय में एक चौथाई ब्राह्मण सांसदों की बात कहती हैं। योगेंद्र यादव इस बात से नाराज दिखाई दिए।

एंकर ने कहा कि वह सिर्फ इतिहास बता रही थीं। इस पूरे विवाद में कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास भी कूद गए। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर योगेंद्र यादव पर चीते और गंधे वाला तंज कस दिया।

योगेंद्र यादव ने जतायी थी चिंता

बहस के दौरान योगेंद्र यादव ने एंकर का नाम लेते हुए कहा, मैं दो तीन भ्रांतियां दूर कर देना चाहता हूं। सारी बात में मुझे कहीं एक पीड़ा सुनाई दी। योगेंद्र यादव ने कहा कि जैसे-जैसे लोकतंत्र का विस्तार होता है।

ऐसे में छोटा सा अभिजात्य वर्ग काबिज होता है। सत्ता पर उसका शिकंजा ढीला होता जाता है। इसके बाद समाज की तस्वीर मंत्रिमंडल और सत्ता में आनी शुरू हो जाती है।

योगेंद्र यादव ने टीवी एंकर की पहली बार 10 ब्राह्मण मुख्यमंत्री थे, की टिप्पणी पर कहा कि ये देश के लिए गौरव का विषय नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस देश में केवल 2 से 3% आबादी हो और वे आधे देश के मुख्यमंत्री थे तो यह देश के लिए चिंता का विषय था। योगेंद्र यादव ने टीवी एंकर की एक चौथाई सांसद ब्राह्मण वाली टिप्पणी का भी जिक्र किया।

जाति की राजनीति करने में बीजेपी सबसे आगे: योगेंद्र

योगेंद्र यादव ने कहा कि जाति की राजनीति करने में बीजेपी सबसे आगे है। बीजेपी ने ही पहली बार मंत्रियों की लिस्ट के साथ जाति का जिक्र किया था। यादव ने कहा कि देश का सबसे बड़ा और वफादार वोट बैंक हिंदू अगड़ी जातिया हैं। जिस पार्टी का यह वोट बैंक है उस पार्टी का नाम है बीजेपी। मैंने इस विषय पर आंकड़ों के साथ स्टडी की है।

कुमार विश्वास ने कसा तंज

कुमार विश्वास ने इस मामले में ट्वीट कर तंज कसा। कुमार विश्वास ने लिखा, एक बार एक चीते और गधे में घास के रंग को लेकर बहस हो गई। चीते ने कहा कि घास हरे रंग की होती है। गधा अड़ गया कि घास नीले रंग की होती है। दोनों के बीच दो दिन तक ट्वीट-ट्वीट से लड़ाई होती रही। बात राजा शेर के पास पहुंची। शेर ने निर्णय दिया कि गधा ही ठीक बोल रहा है और चीता गलत।

जब गधा विजय के ख़ुमार में ढेंचू-ढेंचू चिल्लाता हुआ वापस स्टूडियो चला गया तो रोते हुए चीते ने कहा महाराज आपने जानते-बूझते गधे को जिताकर और मुझे हराकर अपमानित क्यूं किया? शेर ने कहा तुम तो उसी पल हार गए थे, जब तुमने शेर-वंशी चीता होकर एक गधे से बहस प्रारंभ की थी। कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर अब तक योगेंद्र यादव की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

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