मलदीव से क्यों मोह भंग हुआ झारखंड के पयर्टकों का

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ट्रेवल एजेंसियों को 8 करोड़ से अधिक का नुकासन

रांची। झारखंड के पयर्टकों का मालदीव से मोहभंग होने लगा है। पूरे झारखंड से 300 से ज्यादा पयर्टक अपना मालदीव का टूर कैंसिल कर चुके हैं। इससे राज्सोय की ट्रेवल एजेंसियं को 8 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। ल मीडिया पर छिड़े ‘बायकॉट मालदीव’ अभियान का असर झारखंड में भी दिख रहा है।

रांची में 150 लोगों ने रद्द की यात्रा

सिर्फ राजधानी रांची के 150 पर्यटकों ने मालदीप यात्रा रद्द कर दी है। सिर्फ एक ट्रेवल एजेंट के पास से मालदीव जाने वालों ने करीब 75 लाख रुपए की बुकिंग को रद्द करा लिया है। शहर में करीब 40 ऐसे एजेंट हैं, जिनके पास पर्यटक मालदीव जाने से इनकार कर चुके हैं। इस बुकिंग की राशि करीब 4 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। 

सिर्फ राची के ट्रेवल एजेंसियों को 4 करोड़ का नुकसान

रांची के एक एजेंट के मुताबिक करीब 50 पर्यटकों ने मालदीव जाने से मना कर दिया है। ट्रेवल एजेंसियों के मुताबिक मालदीव में 4 रात बिताने के लिए एक यात्री का न्यूनतम दो लाख और अधिकतम चार लाख रुपए खर्च आता है। इस तरह औसतन देखा जाए तो प्रति पर्यटक यह राशि करीब तीन लाख रुपए होती है।

इस तरह चार करोड़ की बुकिंग के रद्द होने की स्थिति में यात्रियों की संख्या करीब 153 होती है। रांची के ही एक अन्य ट्रेवल एजेंसी से 10 पर्यटकों ने यात्रा रद्द करा ली है। यहां करीब 12 लाख रुपए की बुकिंग हुई थी। इसेक अलावा एक अन्य एजेंसी के जरिए मालदीव जाने वाले 20 यात्रियों ने टूर कैसिल कर दिया ह।

ये है मुख्य कारण

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लक्षद्वीप गये थे। उन्होंने वहां के बीच की तस्वीर एक्स पर पोस्ट की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से इस द्वीप पर आकर घूमने की अपील की थी। इस पोस्ट पर मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी को लेकर अभद्र टिप्पणी की और विवाद खड़ा कर दिया।

इससे भारत के लोग नाराज हो गये और बॉयकाट मालदीव का अभियान शुरू हो गया। सोशल मीडिया परबॉयकाट मालदीव आज  ट्रेंड कर रहा है। वहीं लक्षदीप में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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