Shalini Gupta: कौन हैं शालिनी गुप्ता, जिनके कारण बीजेपी की उड़ गई है नींद

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Shalini Gupta

कोडरमा। ‘गेट वे ऑफ झारखंड’ की सीट कोडरमा से शालिनी गुप्ता चुनाव नहीं लड़ रही होतीं, तो लालू यादव के करीबी और बालू कारोबारी रहे सुभाष यादव का विधायक बनने का सपना पूरा हो जाता। उसी शालिनी गुप्ता को जेएमएम में शामिल कराकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फूले नहीं समा रहे। उन्हें पार्टी में शामिल कराने के लिए सीएम हेमंत ने बीते दिन कोडरमा में बड़ी रैली भी कर डाली। शालिनी गुप्ता के कारण झारखंड की राजनीति में आज कोडरमा सेंट्रल पॉइंट है।

पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रही हैं शालिनी गुप्ता

पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता अब झामुमो में शामिल हो गई हैं। विधानसभा चुनाव में तीसरे स्थान पर रहने वाली शालिनी गुप्ता के आने से लोकल पॉलिटिक्स में पार्टी की पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रही।

कोडरमा में जेएमएम का शक्ति प्रदर्शन

कोडरमा के लोकाई मैदान में झामुमो कार्यकर्ताओं ने इस रैली को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सभा करीब 8 से 10 हजार लोग मौजूद रहे। स्थानीय नेताओं का दावा है कि इस भीड़ ने कोडरमा के राजनीतिक इतिहास में एक मिशाल कायम कर दिया है।

कौन हैं शालिनी गुप्ता, जिनके लिए कोडरमा पहुंचे सीएम हेमंत

शालिनी गुप्ता ने अपने राजनीतिक सफर का आगाज साल 2010 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से किया था। वे खरखार पंचायत से समिति सदस्य चुनी गईं और फिर डोमचांच प्रखंड की प्रमुख बनीं। साल 2015 में उन्होंने डोमचांच (भाग 2) से जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीता और बाद में कोडरमा जिला परिषद की अध्यक्ष के रूप में अपनी पहचान बनाई। फिर वह भाजपा के करीब आईं और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास तक अपनी पहुंच बनाई।

पर 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट न मिलने पर उन्होंने आजसू (AJSU) के टिकट पर चुनाव लड़ा और क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।पिछले विधानसभा चुनाव में सबको चौंकायाःकोडरमा चुनाव 2024 में ‘गेम चेंजर’ रहीं शालिनी गुप्ता ने 69,537 वोट हासिल कर सबको चौंका दिया। उनके इस प्रदर्शन ने कोडरमा सीट पर सीधा असर डाला और चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल दिए।कोडरमा में राजद प्रत्याशी सुभाष यादव महज 5,815 वोटों से हार गए।

जानकारों का मानना है कि अगर शालिनी गुप्ता ने इतने बड़े पैमाने पर वोट नहीं काटे होते, तो लालू यादव के करीबी सुभाष यादव की जीत पक्की थी।

कोडरमा का लोकप्रिय चेहरा

शालिनी गुप्ता की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल एनडीए के पारंपरिक वोटरों में सेंधमारी की, बल्कि राजद के आधार वोट बैंक पर भी अपनी जबरदस्त पकड़ साबित की। आज शालिनी गुप्ता झारखंड मुक्ति मोर्चा में हैं और आने वाले दिनों में वह इस पार्टी से चुनाव भी लड़ेंगी, जिसे लेकर अभी से ही विरोधी दलों की नींद उड़ी हुई है।

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