झारखंड [Jharkhand] में आखिरी बार लैंड सर्वे कब हुआ था?

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रांची। झारखंड में जमीन विवाद एक गंभीर समस्या है। इसकी एक बड़ी वजह है लंबे समय से लैंड सर्वे का पेंडिंग रहना।

झारखंड में जमीन का सर्वे

झारखंड में जमीन का अंतिम सर्वे वर्ष 1932 में हुआ था। 1972 से 1982 के सर्वे को वर्ष 1982 में तत्कालीन बिहार सरकार ने रद कर दिया था।

आजादी के बाद राज्य में अंतिम सर्वे सेटलमेंट सिर्फ सिंहभूम क्षेत्र में 1960 से 1964 के बीच हुआ था।

अन्य क्षेत्रों में 1932 से पहले ही सर्वे सेटलमेंट हुआ था। आजादी के पहले पश्चिमी सिंहभूम में 1913 से 1919 तक के बीच पहला रिवीजन सर्वे हुआ था।

इसके बाद रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा में 1927 से 1935 के बीच रिवीजन सर्वे हुआ।

पूर्वी सिंहभूम में 1934 से 1938, सरायकेला-खरसावां (तब पश्चिमी सिंहभूम) में 1958 से 1995 के बीच तथा हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह और रामगढ़ में वर्ष 1995 में पहला रिवीजन सर्व हुआ था।

राज्य के छह जिले हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़ और सरायकेला-खरसावां में दूसरा रिवीजन सर्वे अबतक नहीं हुआ है।

वहीं, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में 1958 से 1995 के बीच दूसरा रिवीजन सर्वे हुआ। रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा में वर्ष 1975 में सेकेंड रिवीजन सर्वे हुआ था।

झारखंड के कुछ जिलों में अंतिम बार सर्वे सेटलमेंट 1932 में शुरू हुआ और 1935 में पूरा।

अधिकतर जिलों में 1879, 1894, 1910, 1915 व 1928 में ही अंतिम बार सर्वे सेटलमेंट पूरा हुआ।

रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला में 1975 में शुरू हुआ सर्वे 43 वर्ष में पूरा नहीं हुआ। धनबाद-बोकारो में 1981, पलामू, गढ़वा, लातेहार, साहेबगंज, दुमका, पाकुड़, जामताड़ा, गोड्‌डा व देवघर में 1976-77 से शुरू हुआ सर्वे आज तक पूरा नहीं हुआ है।

राज्य में आधिकारिक तौर पर जमीन का पहला सर्वे

राज्य में आधिकारिक तौर पर जमीन की मिल्कियत को लेकर पहला सर्वे 1908 को किया गया था, जिसमें जमीन की मिल्कियत, गृहस्वामी, जमीन का नक्शा, उसकी चौहद्दी का पूरा ब्योरा दर्ज किया गया था।

कायदे से हर 10 साल पर भू बंदोबस्त सर्वे होना चाहिए। इसके महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि वर्तमान समय में लोग 1932 के खतियान को अहम दस्तावेज मानते हैं।

लैंड सर्वे होने से लैंड का रिकॉर्ड बनेगा और भू माफियाओं द्वारा सरकारी एवं वन भूमि की जमीन के गलत ढंग से खरीद बिक्री पर रोक लगेगी।

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