जलप्रपात किसे कहते हैं?

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जलप्रपात किसे कहते हैं?

जलप्रपात

पर्वतीय क्षेत्रों में नदी की ओर से निर्मित जलप्रपात एक प्रमुख स्थलाकृति है।

जब नदी ऊंची पर्वत श्रेणियों से नीचे की ओर प्रवाहित होती है तो धरातलीय ढाल की असमानता के कारण मार्ग में अनेक जलप्रपात या झरने बनाती है।

इस प्रकार से प्रवाहित जल अकस्मात ऊंचाई से नीचे गिरने लगता है जिसे जलप्रपात या झरना कहते हैं।

जलप्रपात शब्द से साधारणत: पानी के संकलित रूप के गिरने का बोध होता है। पठारी भूमि होने के कारण झारखंड में अनेक जलप्रपात पाए जाते हैं।

ये झारखण्ड के दर्शनीय पर्यटक स्थल भी हैं। झारखंड के प्रमुख जल प्रपातों में हुंडरू, दशम, जोन्हा और हिरनी जलप्रपात प्रमुख हैं। इनमें से हुंडरू जलप्रपात सबसे फेमस है।

जल प्रपात के प्रकार

जलप्रपातों दो तरह के होते हैं। एक प्राकृतिक और दूसरा कृत्रिम जलप्रपात। प्राकृतिक जलप्रपात मुख्य रूप से पर्वतीय क्षेत्रो में होते है क्योंकि वहां भूतल का उतार-चढ़ाव अधिक होता है।

कहीं-कही सामान्य समतल क्षेत्रों में भी जलप्रपात प्राकृतिक रूप से बन जाते हैं। ऐसी जगहों पर पानी का वेग जैसे जैसे बढ़ता है वैसे वैसे उसके भूस्तर के कटाव की क्षमता बढती जाती है और प्रपात बड़ा होता जाता है।

कृत्रिम जलप्रपात बहुधा नहरों पर बनाए जाते हैं जहां नहरें यातायात के लिए बनी होती हैं, वहाँ पानी के वेग को कम करने के लिये प्रपात बनाए जाते हैं।

भू-सिंचाई के लिए बनाई गई नहरों में भी जलप्रपात इसीलिए बनाए जाते हैं कि पानी का वेग कम किया जा सके।

ऐसे बहुत से प्रपात उत्तर प्रदेश की गंगा तथा शारदा नहरों पर बनाए गए हैं।

प्रपात के पानी के परिमाण तथा उसके पतन के ऊपर जलप्रपातों से मिलने वाली बिजली की मात्रा निर्भर करती है।

जलप्रपात के हैं कई लाभ

प्राचीन समय से ही जलप्रपातों से अनेक लाभ उठाए जा रहे हैं। सर्वप्रथम प्रपातों से ही पनचक्की चलाने का प्रचलन है।

पर्वतीय प्रदेशों में पनचक्कियां विशेषकर जलप्रपातों द्वारा ही चलती हैं और लोग पनचक्कियों से ही पिसाई कराते हैं।

जब नहरों का निर्माण हुआ तब जलप्रपातों पर पहले पनचक्कियाँ ही स्थापित की गईं, जिससे सिंचाई के अतिरिक्त आटा पीसे जाने की सुविधा मिल सके।

फिर जब पनबिजली का विकास हुआ तब जलप्रपातों पर पनबिजली बनाने के लिये बड़े बड़े यंत्र लगाए जाने लगे।

जलप्रपात पहाड़ की ऊँचाई से नदियों के पानी के गिरने से बनते है पानी जब काफी ऊंचाई से जमीन पर गिरता है तो इससे बड़ा ही अद्भुत नजारा बनता है।

दुनिया के कई जलप्रपात अपनी सुन्दरता और विशालता के लिए जाने जाते है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी आते है।

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