विस नियुक्ति घोटालाः हाईकोर्ट का सवाल-क्यों बनी दूसरी कमेटी

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रांची। झारखंड विधानसभा में अवैध नियुक्ति की जांच की मांग के लिए दाखिल जनहित याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

इस दौरान अदालत में जस्टिस विक्रमादित्य कमिटी और जस्टिस एस जे मुखोपाध्याय कमिटी की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की गयी।

जिसके बाद कोर्ट में मौखिक रूप से पूछा कि जस्टिस विक्रमादित्य कमिटी की रिपोर्ट के बाद दूसरी कमिटी क्यों बनानी पड़ी।

अब इस मामले में अदालत 11 जून को सुनवाई करेगा। विधानसभा की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने बहस की।

झारखंड विधानसभा में अवैध नियुक्ति की जांच की मांग के लिए शिव शंकर शर्मा ने जनहित याचिका दाखिल की है।

याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2005 से वर्ष 2007 के बीच में विधानसभा में हुई नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है।

मामले की जांच के लिए पहले जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद आयोग का गठन किया गया। आयोग ने जांच कर वर्ष 2018 में राज्यपाल को रिपोर्ट भी सौंपी थी।

जिसके बाद राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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